Tue. Apr 23rd, 2024

डेढ़ लाख से ज्यादा किसान होंगे किसान महासम्मेलन में शामिल, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह का भी होगा आगमन

राजधानी रायपुर में आगामी 9 मार्च को किसान महा-सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सांईंस कॉलेज मैदान में होने वाले इस किसान सम्मेलन को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी संबोधित करेंगे। भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष तोखन साहू ने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से किसानों को जोड़कर मोर्चें को मजबूत किया जाएगा। राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम और वन मंत्री केदार कश्यप ने साईंस कॉलेज मैदान का निरीक्षण कर सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लिया।

तैयारियों के लिए आयोजित हुई बैठक

भाजपा किसान मोर्चा रायपुर व भाजपा ग्रामीण की एकात्म परिसर में हुई बैठक में तीन विधानसभा क्षेत्र के सभी मंडलों और बूथ के प्रभारियों को जिम्मेदारी दी गई। बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्याम नारंग ने कहा कि राष्ट्रीय कार्य परिषद की बैठक में हमें कार्यक्रम मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमें छत्तीसगढ़ की 11 सीटें जीतकर देने की बड़ी जिम्मेदारी दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पांच लाख से ज्यादा मत हसिल करने रायपुर लोकसभा क्षेत्र के 12 मंडल और 170 शक्ति केंद्रों के 840 बूथ में जाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री आलोक ठाकुर ने कहा कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भाजपा किसान मोर्चा को कार्यक्रम दिया है। साइंस कालेज मैदान में होने वाला किसान महासम्मेलन में डेढ़ लाख से ज्यादा किसान शामिल होंगे।

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी होंगे शामिल

किसान महासम्मेलन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह होंगे शामिल
भाजपा चुनाव प्रबंध समिति के सह संयोजक सौरभ सिंह ने कहा कि साइंस कालेज मैदान में होने वाले किसान महासम्मेलन में देश के केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आ रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता गांव-गांव में बूथ स्तर पर जाकर किसानों से चर्चा कर उन्हें सम्मेलन में लेकर आँए।

घोषणा पत्र के लिए भाजपा 1 करोड़ से अधिक जानता का सुझाव लेगी, जिसके लिए जारी किया मोबाइल नंबर

भारतीय जनता पार्टी ने जिला स्तर पर विकसित “भारत मोदी की गारंटी आकांक्षा संग्रहण अभियान” लॉन्च किया है। इस अभियान के तहत पार्टी लोकसभा चुनाव के संकल्प पत्र के लिए एक करोड़ से अधिक लोगों के सुझावों को आमंत्रित कर रही है।

अभियान से जुड़ने के लिए किया मोबाइल नंबर जारी

जिला अध्यक्ष संतोष मकु परवाल ने मीडिया से बात चीत में कहा कि 1 मार्च को प्रदेश के पार्टी मुख्यालय से अभियान को प्रदेश ऑफिशियल तरीके से लांच किया गया है। अब सभी जिलों में ‘विकसित भारत’ मोदी की गारंटी आकांक्षा संग्रहण को लांच किया जा रहा है। परवाल ने बताया कि मोबाइल नंबर 9090902024 पर मिस्ड कॉल कर लोग इस अभियान से जुड़ सकते हैं, और अपना सुझाव दे सकते हैं। इस नंबर पर मिस्ड कॉल करने पर लिंक खुलेगी, जिसे भरकर भाजपा का संकल्प पत्र कैसा होना चाहिए, इसे लेकर सुझाव दिया जा सकता है।

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी हितेंद्र शर्मा ने बताया कि संकल्प पत्र के सुझाव प्राप्त करने के लिए पार्टी सभी विधानसभा कार्यालयों में सुझाव पेटी भी रखेगी। इसके साथ ही नमो एप के माध्यम से भी लोग अपना सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि आठ से 12 मार्च के बीच हर बूथ पर घर-घर जाकर पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों के सुझाव आमंत्रित किए जाएँगे।

प्रत्याशियों की घोषणा

इधर, भाजपा लोकसभा चुनाव के लिए 195 प्रत्याशियों की सूची जारी कर चुकी है। मध्य प्रदेश में भी पार्टी ने 29 में से 24 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। वहीं संभावना है कि पार्टी दूसरी सूची भी जल्‍द ही जारी कर सकती है।

जय श्री राम बोलो और भूखे मर जाओ- राहुल गांधी

शाजापुर में राहुल ने अपनी यात्रा के दौरान कहा कि मोदी जी चाहते हैं कि आप जय श्री राम बोलते रहे, मोबाइल चलाएं पर बेरोजगारी की बात ना करें और भूखे मर जाए।

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान में वायनाड से सांसद की भारत जोड़ो न्याय यात्रा (Bharat Jodo Nayay Yatra) मंगलवार को शाजापुर (Shajapur) पहुँची थी। जहां यात्रा रोक कर उन्होंने जय श्री राम के नारे लगा रहे भाजपा के कार्यकर्ताओं से मिले और मोहब्बत की दुकान खोलने के लिए धन्यवाद दिया।

अपने कार्यकर्ताओं से नहीं मिले

यात्रा में राहुल का अभिवादन करने पहुँचे कांग्रेस (Congress) के कार्यकर्त्ताओ से नहीं मिले राहुल जिससे कार्यकर्ताओं में निराशा हुई, वहीं नारे लगा रहे भाजपा के कार्यकर्ताओं से मिले और उनका अभिवादन स्वीकार किया।

पीएम जातिवाद और धर्म पर लड़वाते हैं

राहुल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आप सब को जातिवाद और धर्म के आधार पर बाट कर राजनीति करते हैं। इसी को खत्म करने के लिए मैंने यह यात्रा शुरू की है वे तोड़ने की राजनीति करते हैं और हम जोड़ने की।मोदी जी ने देश की सबसे बड़ी पूंजी युवा को बेरोजगार बना दिया है, आज युवा दिन भर सिर्फ रील्स देखता है।

राहगीरों को हुई परेशानी
यात्रा के कारण कई घंटे तक ट्रैफिक व्यवस्था बाधित रही जिससे राहगीरों को तरह-तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राहुल की यात्रा अब उज्जैन पहुँचेगी, वे वहाँ महाकाल के दर्शन करेंगे।

जानिए क्या होता है डीपफेक, आखिर क्यों सेलिब्रिटी और आम लोग बन रहे हैं इसका शिकार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी खतरनाक टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी से जुड़ी नई तकनीक डीपफेक दुनिया भर में काफी तेजी से फैल रहा है। ओबामा से लेकर पुतिन और मनोज से लेकर रश्मिका तक, आज हम जो देख रहे हैं वह उस नुकसान की एक झलक मात्र है, जो एक अनियंत्रित टेक्नोलॉजी हम पर ला सकती है। इसको लेकर हाल ही में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चिंता व्यक्त की थी और उन्होंने इसको चिंता जाहिर की थी। आईये जानते है इसके बारे में विस्तार से।

जानिए क्या होता है डीपफेक

यह एक तरह फेक वीडियो और ऑडियो है जिस से समाज मे भृमित जानकारी फैलाई जाती है, जिसका शिकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सचिन तेंदुलकर से लेकर मॉडल रश्मिका भी हई हैं। हाल में ही एक वीडियो जमकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था जिसमें सचिन एक गेमिंग एप्पलीकेशन का प्रचार करते हुए दिख रहे थे, “डीपफेक” में चेहरे, आवाज, हाव-भाव का बेहतरीन तरीके से एडिट किया जाता है कि सच क्या है? पता लगा पाना बेहद ही मुश्किल हो जाता है।

बाद में उन्होंने में एक्स प्लेटफार्म से इस वीडियो को फेक बताया। ऐसा ही वीडियो प्रधानमंत्री का भी वायरल हुआ था जिसमें वो एक गरबा महोत्सव में गाना गाते हुए हैं दिख रहे थे, जिसके बाद इसके बढ़ते नकारात्मक प्रभाव को लेकर प्रधानमंत्री ने चिंता भी जाहिर की थी।

“डीपफेक” कैसे बनाते हैं?

डीपफेक को गहन शिक्षण और जनरेटिव एडवर्सिरियाल नेटवर्क जैसे सॉफिस्टिकेटेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों का उपयोग करके बनाया जाता है। इसे 2017 में अमेरिका में पहली बार इस शब्द का प्रयोग किया गया था और तब से ही इसके बढ़ते दुष्प्रभाव पर शोध जारी है। यह बाकि एडिटिंग एप्लीकेशन जैसे फोटोशॉप , पिक्स आर्ट आदि से बेहद ही अलग है क्योंकि डिपफेक में पूर्ण से डीप न्यूरल नेटवर्क का उपयोग कर नया कॉन्टेंट क्रिएट कर सकते हैं, जिससे उसकी प्रमाणिकता का पता करना मुश्किल हो जता है।

डीपफेक का बढ़ता दुरुपयोग

ऑनलाइन डीपफेक कॉन्टेंट की मात्रा तेजी से बढ़ रही है। स्टार्टअप डीपट्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2019 के शुरुआत में 7964 डिपफेक वीडियो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर थे, केवल 9 महीने बाद ही इनकी संख्या बढ़कर 14,678 हो गई थी, और इसने कोई संदेह नहीं है कि ये अकड़ा 2024 में 10 गुना बढ़ गया होगा परन्तु इसका इस तरह से ऑनलाइन माध्यमों पर मिलना चिंताजनक है। मान लीजिए अगर किसी चुनाव में अगर प्रत्यशी का डिपफेक वायरल कर दिया जाता है तो वहाँ अरकजता का माहौल हो जाएगा जो एक सभ्य समाज के लिए उचित नहीं है।

इसके दुष्प्रभाव को देखते हुए भारत सरकार के आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बताया है कि सरकार 7- 8 दिनों में ही नए कठोर आईटी के  नियम बना रही है जिससे आपत्तिजनक डीपफेक को प्रतिबंधित किया जा सके और और आईटी नियम का उल्लंघन करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पहचान कैसे करें?

आमतौर पर इस समझ पाना थोड़ा मुश्किल होता है पर, आप उस व्यक्ति की त्वचा, बाल, चेहरे पर गौर करें और गले पर धुंधलापन है या परछाई ज्यादा है जो डिपफेक वीडियो में दिखाया गया है तो वह फेक है। डीपफेक अल्गोरिथम हमेशा ही इस्तेमाल किया क्लिप की लाइटिंग को ही लेता है, लेकिन टारगेट वीडियो की लाइटिंग से मिलाने पर फर्क दिखता है।

डीपफेक बड़ा खतरा बन सकता है

सोर्स कितना भरोसेमंद है, जिस माध्यम से अपलोड हुआ है वहाँ प्रासंगिक है या नहीं इसे देखने से भी की पहचान की जा सकती है। परन्तु भारत जैसे लोकतांत्रिक देश की बात करें तो यहां इसे वायरल करना बेहद ही आसान है क्योंकि भारत में स्मार्ट फ़ोन यूजर लगभग 90 करोड़ है और अगर हम डिजिटल लिटरेसी की बात करें शहरी इलाकों में 61% और ग्रामीण क्षेत्रों में 25% जो कि भारत की आबादी का दशवा हिस्सा भी नहीं है। ऐसे में भारत में डिपफेक से ओर भी खतरा बढ़ जाता है।