Tue. Apr 23rd, 2024

सेन्ट मार्टिन स्कूल के विद्यार्थी ने जेईई की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर किया नगर का नाम रोशन

सेंट मार्टिन स्कूल की एक और बड़ी उपलब्धि

बड़नगर। सेन्ट मार्टिन स्कूल के छात्र आदित्य पुरोहित ने देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मानी जाने वाली IIT&JEE प्रीलिम्स की परीक्षा में 95.30 प्रतिशत अंक लाकर सफलता हासिल करते हुए एडवांस लेवल हेतु पात्रता प्राप्त कर ली है। यह बड़नगर और सेन्ट मार्टिन स्कूल के लिए बड़े ही गौरव की बात है। बता दें कि नयापुरा निवासी डॉक्टर जयनारायण पुरोहित व निर्मला पुरोहित के पोत्र एवं चेतन पुरोहित व सोनम पुरोहित के पुत्र आदित्य पुरोहित कक्षा नर्सरी से ही सेन्ट मार्टिन स्कूल के नियमित छात्र रहे हैं व आदित्य ने अपनी परीक्षा की तैयारी विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन में ही कर सफलता प्राप्त की है। आदित्य की इस शानदार सफलता पर विद्यालय के डायरेक्टर जॉर्ज सर, प्राचार्य जेनेट जॉर्ज तथा विद्यालय परिवार ने बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।

घर में किया जा रहा स्कूल संचालित ना प्लेग्राउंड ना पार्किंग, किसी अधिकारी का ध्यान भी नहीं

बड़नगर। स्थानीय डायवर्सन रोड़ पर लोटस कॉन्वेंट स्कूल 2022 से संचालित किया जा रहा है, जिसमें नर्सरी से सातवीं कक्षा तक लगभग 430 बच्चे शिक्षा का अध्ययन कर रहे हैं व 22 शिक्षक अपनी सेवाए दे रहे हैं उक्त स्कूल में बच्चों को लाने छोड़ने के लिए वाहन भी है, परंतु स्कूल में बच्चों के खेलने कूदने के लिए कोई प्लेग्राउंड ही नहीं है व पेरेंट्स के आने जाने वाले वाहनों के लिए पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है।

घर की तरह लगता है स्कूल

उक्त स्कूल को अगर आप प्रायः ही देखेंगे तो यह स्कूल तो बिल्कुल ही नहीं दिखेगा क्योंकि जिस जगह यह स्कूल संचालित हो रहा है वह तो किसी घर की तरह लगता है। अब मजे की बात यह है कि स्कूल में कोई प्लेग्राउंड नहीं है तो बच्चे स्पोर्ट्स में कैसे आगे बढ़ेंगे ? दिनभर पढ़ाई करके अपना माइंड फ्रेश कैसे करेंगे नए दोस्तों से कैसे मिलेंगे व अपनी चर्चाओं का एक दूसरे से आदान प्रदान केसे करेंगे हम इन 430 बच्चों के लिए उक्त स्कूल के संचालक महोदय से पूछना चाहते हैं कि क्या पढ़ाई ही जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है शारीरिक फिटनेस का कोई महत्व नहीं है।

अधिकारीगण भी ध्यान नहीं दे रहे

खैर बात इतनी ही नहीं है यह स्कूल संचालित जब से हुआ तब से संबंधित अधिकारी ने भी इस और ध्यान नहीं दिया, ना हीं उक्त स्कूल के डायरेक्टर से प्लेग्राउंड और पार्किंग के बारे में पूछा और ना ही देखने गए क्या उक्त स्कूल की जानकारी को संज्ञान में लाकर संबंधित अधिकारीगण उक्त स्कूल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर व उक्त स्कूल की जांच सही से न करने वाले अधिकारी की जांच कर बर्खास्त करेंगे या अपनी आंखों पर उक्त स्कूल के सामने से निकलते समय पट्टी बांधकर इसी तरह से नजर अंदाज करते रहेंगे ।
स्मरण रहे कि ऐसे और भी कई स्कूल है जहा पर यह उपरोक्त लिखी गई समस्याएं अपने हाथ बांधे जस की तस खड़ी हुई है क्या उन स्कूलों पर भी लगाम कसी जाएगी या छोटे छोटे से छात्र छात्राओं के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जाता रहेगा।