Tue. Apr 23rd, 2024

हैकर्स ने किया दुनिया की पहली विक्रमादित्य घड़ी पर अटैक, हफ्ते भर पहले ही पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन

उज्जैन में लगाई गई विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के एप पर 7 मार्च 2024 की गुरुवार की रात को साइबर अटैक होने की खबर सामने आई है। इस घटना की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज करवाई गई है। यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल लोकार्पण किए गए इस ऐप के उद्घाटन समारोह से एक हफ्ता पहले घटी थी।

एप से मिली जानकारी

अब इस घड़ी पर साइबर अटैक हो चुका है, जिसकी जानकारी महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन ने मीडिया को दी है। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक, श्रीराम तिवारी ने बताया कि 29 फरवरी 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीवाजीराव वेधशाला पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का लोकार्पण किया था। उसी घड़ी के एप पर 7 मार्च 2024 की गुरुवार रात को साइबर अटैक हो चुका है।

महाशिवरात्रि के अवसर पर इस घड़ी के पूर्व घोषित ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ नाम से एक नि:शुल्क मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी थी, लेकिन गुरुवार रात से ही अचानक डिजिटल वैदिक क्लॉक पर ऐसा साइबर अटैक हो गया कि सबसे पहले वेबसाइट के अंदर का डेटा धीरे-धीरे गायब हो गया, और उसके बाद जब वेबसाइट खुली, तो अंदर का डेटा पूरी तरह से हट गया था। इस साइबर अटैक की शिकायत नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज कर दी गई है।

वैदिक घड़ी पर हुआ डीडीओएस अटैक

वैदिक घड़ी पर डीडीओएस अटैक के बारे में वैदिक घड़ी के निर्माता आरोह श्रीवास्तव ने बताया है कि इस घड़ी पर हुए हमले को तकनीकी भाषा में “डीडीओएस अटैक” कहा जाता है। इसके कारण विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के सर्वर की प्रोसेस स्लो हो रही है और सामान्य लोग इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। आरोह ने बताया कि हम इस स्थिति को सुलझाने के लिए प्रयासरत हैं ताकि जो भी डेटा नुकसान हुआ है, उसे पुनर्प्राप्त किया जा सके।

वैदिक घड़ी बेहद सुरक्षित है

महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक, श्रीराम तिवारी ने व्यक्त किया कि इस घड़ी पर हुआ साइबर अटैक केवल उसके लोकल सर्वर पर हुआ था, इसलिए किसी भी वास्तविक नुकसान की कोई बात नहीं है। विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को हानि पहुंचाने की कोई कोशिश की गई थी, जिसके कारण जब लोग वेबसाइट खोलते, तो उसके प्रोग्राम हट गए थे, लेकिन टेक्निकल टीम ने इसके डेटा को सुरक्षित करने में सफलता प्राप्त की। तिवारी ने बताया कि आज महाशिवरात्रि को इस ऐप की लॉन्चिंग होनी थी, लेकिन यह साइबर अटैक के कारण इस कार्य को एक महीने के बाद में स्थगित कर दिया गया है। अब संभावतः गुड़ी पड़वा पर इसकी लॉन्चिंग हो सकती है।

सिंहस्थ 2028 की तारीख हुई तय, शासन – प्रशासन ने शुरू की तैयारियां

उज्जैन बाबा महाकाल की नगरी में हर 12 साल में लगने वाला अगला कुंभ 2028 में लगना है। इसके लिए सरकार और प्रशासन ने पूरी कार्य योजना बना ली गई है। कुंभ की तारीखों का ऐलान भी हो गया है। इसके बाद सीएम मोहन यादव ने प्लानिंग की समीक्षा बैठक ली।

सिंहस्थ 2028 में 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का आकलन

मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर बैठक की। सिंहस्थ 2028 (Simhatha 2028) को लेकर उज्जैन से राजधानी तक तैयारियां तेज हो गई हैं। अभी तक कार्ययोजना में 18 हजार 840 करोड़ की लागत से 523 कार्य प्रस्तावित किए जा चुके हैं। इनमें अधिकांश स्थायी प्रवृत्ति के कार्य हैं जिनका लाभ सिंहस्थ के बाद भी मिलेगा। प्रशासन इस बार सिंहस्थ 2028 में 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का आकलन कर रहा है। यह आंकड़ा सिंहस्थ-16 से लगभग दो गुना है।

मुख्यमत्री ने दिए अहम निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल में सिंहस्थ-2028 (Simhastha-2028) के आयोजन को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा, सिंहस्थ 2028 के लिए पशुपतिनाथ मंदसौर, खंडवा स्थित दादा धूनी वाले, भादवामाता, नलखेड़ा, ओंकारेश्वर आदि तक सुगम आवागमन और उनके अधोसंरचना सुधार को सम्मिलित करते हुए उज्जैन-इंदौर संभाग को समग्र धार्मिक-आध्यात्मिक सर्किट के रूप में विकसित किया जाए। और उन्होंने निर्देश दिए कि शिप्रा के घाटों का विस्तार और पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था की जाए।

आगंतुकों की संख्या का अनुमान लगाकर उज्जैन पहुंचने वाले सभी मार्गों पर मूलभूत सुविधाओं सहित गेस्ट हाउस विकसित करें। उज्जैन से लगे ग्रामीण क्षेत्र में होमस्टे व्यवस्था को भी प्रोत्साहित किया जाए। बैठक में उज्जैन से संभागायुक्त डॉ. संजय गोयल, कलेक्टर नीरज कुमार सिंह व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।अफसरों ने बताया कि आगामी सिंहस्थ में 9 अप्रैल से 8 मई की अवधि में 3 शाही स्नान और 7 पर्व स्नान प्रस्तावित हैं। सिंहस्थ में 14 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।

इंदौर-उज्जैन में लगने जा रहे है 17 उद्योग, 12 हज़ार लोगो को मिलेगा रोज़गार

उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में शुक्रवार को दो दिवसीय क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन, 40 दिवसीय विक्रमोत्सव और व्यापार मेले का शुभारंभ हुआ। उज्जैन-इंदौर में लगने जा रहे खाद्य प्रसंस्करण, प्लास्टिक, फार्मा, मेडिकल डिवाइस आदि से जुड़े 17 उद्योगों का भूमि पूजन, आठ उद्योगों का लोकार्पण और कोठी महल में खुलने जा रहे वीर भारत संग्रहालय का वर्चुअल शिलान्यास भी किया गया।

सीएम यादव ने उद्योगपतियों से की वन-टू-वन चर्चा

Ujjain Govt Engineering College पहुंचे सीएम डॉ मोहन यादव ने उद्यमियों से वन टू वन चर्चा की व उन्हें उज्जैन में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया।

12 हज़ार रोजगार का होगा सृजन

नए उद्योगों की स्थापना से उज्जैन-इंदौर में 12 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। औद्योगिक सम्मेलन स्थल पर विभिन्न औद्योगिक इकाइयों ने अपने उत्पादों पर केंद्रित प्रदर्शनी लगाई है। सम्मेलन में 644.97 एकड़ भूमि पर 17 उद्योगों के लिए 8014 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव मिला है।

लाडली बहनों के खातों में डाले 1576 करोड़

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने इस बार 10 तारीख से पहले ही लाड़ली बहनों के खाते में 1576 करोड़ की राशि भी ट्रांसफर की।

उज्जैन में वैदिक घड़ी का पीएम मोदी ने वर्चुअल जुड़कर किया उद्घाटन, कहा – हमारी सरकार विकास और विरासत साथ लेकर चलती है

भोपाल(Bhopal): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को एमपी को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश को 17,000 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। पीएम मोदी से साइबर तहसील के अलावा उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का भी लोकार्पण किया।

सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर चलती हैं

कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से जुड़े पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार विरासत और विकास को कैसे एक साथ लेकर चलती है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी कभी पूरी दुनिया के लिए काल गणना की केंद्र थी। लेकिन इसके महत्त्व को भुला दिया गया था, इसीलिए हमारी सरकार ने वैदिक घड़ी को पुनः स्थापित किया है जो अब विकसित भारत के काल च्रक की साक्षी बनेंगी।

डिंडोरी हादसे को लेकर जताया दुःख

डिंडोरी में सड़क हादसे को लेकर मोदी ने पीड़ा व्यक्त की और पीड़ितों को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।सुशाशन को मोदी जी का पूरे विश्व में धमक मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। इस दौरान उन्होंने कहा जब सुशासन की बात होती है तो रामराज्य की बात आती है, 2000 साल पहले विक्रमादित्य के सुशासन की बात आती है। लेकिन आज इस बात का हर्ष है कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सुशासन की धमक पूरी दुनिया देख रही है।

5 साल में कई दीदी बनेगी लखपति

कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि आने वाले 5 वर्षों दीदियाँ लखपति बनकर सिर ऊँचा कर घूमेंगी, गांव की बहनें नमो ड्रोन दीदियां बनकर खेती में नई क्रांति का आधार बनेगी और बहनों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

सेन्ट मार्टिन स्कूल के विद्यार्थी ने जेईई की परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर किया नगर का नाम रोशन

सेंट मार्टिन स्कूल की एक और बड़ी उपलब्धि

बड़नगर। सेन्ट मार्टिन स्कूल के छात्र आदित्य पुरोहित ने देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित मानी जाने वाली IIT&JEE प्रीलिम्स की परीक्षा में 95.30 प्रतिशत अंक लाकर सफलता हासिल करते हुए एडवांस लेवल हेतु पात्रता प्राप्त कर ली है। यह बड़नगर और सेन्ट मार्टिन स्कूल के लिए बड़े ही गौरव की बात है। बता दें कि नयापुरा निवासी डॉक्टर जयनारायण पुरोहित व निर्मला पुरोहित के पोत्र एवं चेतन पुरोहित व सोनम पुरोहित के पुत्र आदित्य पुरोहित कक्षा नर्सरी से ही सेन्ट मार्टिन स्कूल के नियमित छात्र रहे हैं व आदित्य ने अपनी परीक्षा की तैयारी विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन में ही कर सफलता प्राप्त की है। आदित्य की इस शानदार सफलता पर विद्यालय के डायरेक्टर जॉर्ज सर, प्राचार्य जेनेट जॉर्ज तथा विद्यालय परिवार ने बधाई देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की है।

घर में किया जा रहा स्कूल संचालित ना प्लेग्राउंड ना पार्किंग, किसी अधिकारी का ध्यान भी नहीं

बड़नगर। स्थानीय डायवर्सन रोड़ पर लोटस कॉन्वेंट स्कूल 2022 से संचालित किया जा रहा है, जिसमें नर्सरी से सातवीं कक्षा तक लगभग 430 बच्चे शिक्षा का अध्ययन कर रहे हैं व 22 शिक्षक अपनी सेवाए दे रहे हैं उक्त स्कूल में बच्चों को लाने छोड़ने के लिए वाहन भी है, परंतु स्कूल में बच्चों के खेलने कूदने के लिए कोई प्लेग्राउंड ही नहीं है व पेरेंट्स के आने जाने वाले वाहनों के लिए पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है।

घर की तरह लगता है स्कूल

उक्त स्कूल को अगर आप प्रायः ही देखेंगे तो यह स्कूल तो बिल्कुल ही नहीं दिखेगा क्योंकि जिस जगह यह स्कूल संचालित हो रहा है वह तो किसी घर की तरह लगता है। अब मजे की बात यह है कि स्कूल में कोई प्लेग्राउंड नहीं है तो बच्चे स्पोर्ट्स में कैसे आगे बढ़ेंगे ? दिनभर पढ़ाई करके अपना माइंड फ्रेश कैसे करेंगे नए दोस्तों से कैसे मिलेंगे व अपनी चर्चाओं का एक दूसरे से आदान प्रदान केसे करेंगे हम इन 430 बच्चों के लिए उक्त स्कूल के संचालक महोदय से पूछना चाहते हैं कि क्या पढ़ाई ही जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है शारीरिक फिटनेस का कोई महत्व नहीं है।

अधिकारीगण भी ध्यान नहीं दे रहे

खैर बात इतनी ही नहीं है यह स्कूल संचालित जब से हुआ तब से संबंधित अधिकारी ने भी इस और ध्यान नहीं दिया, ना हीं उक्त स्कूल के डायरेक्टर से प्लेग्राउंड और पार्किंग के बारे में पूछा और ना ही देखने गए क्या उक्त स्कूल की जानकारी को संज्ञान में लाकर संबंधित अधिकारीगण उक्त स्कूल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर व उक्त स्कूल की जांच सही से न करने वाले अधिकारी की जांच कर बर्खास्त करेंगे या अपनी आंखों पर उक्त स्कूल के सामने से निकलते समय पट्टी बांधकर इसी तरह से नजर अंदाज करते रहेंगे ।
स्मरण रहे कि ऐसे और भी कई स्कूल है जहा पर यह उपरोक्त लिखी गई समस्याएं अपने हाथ बांधे जस की तस खड़ी हुई है क्या उन स्कूलों पर भी लगाम कसी जाएगी या छोटे छोटे से छात्र छात्राओं के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जाता रहेगा।