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मोहन सरकार की 24 पूर्व मंत्रियों को चेतावनी, उषा ठाकुर, अरविंद भदोरिया जैसे अन्य नाम भी शामिल

मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने शिवराज सिंह कार्यकाल के 24 मंत्रियों को बंगला खाली करने का आदेश दिया है

मध्यप्रदेश की मौजूदा सरकार ने शिवराज सिंह कार्यकाल के 24 पूर्व मंत्रियों को बेदखली का सामना करने के लिए नोटिस जारी किया है, इसकी अलावा बीजेपी के 4 विधायको को भी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के अनुसार, मंत्रियों को 10 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देने की चेतवानी दी गई है।

कौन है 24 पूर्व मंत्री जिनको नोटिस जारी किया गया हैं

उषा ठाकुर, रामखेलवान पटेल, पारस जैन, भारत सिंह कुशवाह, कमल पटेल, महेंद्र सिंह सिसोदिया, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, प्रेम सिंह पटेल, अरविंद भदोरिया, ओपीएस भदोरिया, नर्मदा प्रसाद प्रजापति, इमरती देवी, कांतिलाल भूरिया, रामपाल सिंह, प्रदीप जायसवाल, रामकिशोर नैनों कवरे, दीपक जोशी इन सभी पूर्व मंत्रियों को बांग्ला खली करने का नोटिस जारी किया गया है।

यह विधायक रह रहे थे मंत्रियों के बंग्लों में

बिसाहुलाल सिंह, ओपी सकलेचा, ब्रजेंद्र प्रताप सिंह, मीना सिंह, प्रभुरम चौधरी, ब्रजेंद्र सिंह यादव, ग्रीश गौतम। इनमें से ग्रीश गौतम बांग्ला ख़ाली कर चुके है।

इनमें से कुछ मंत्री और विधायक बनलों ख़ाली कर चुके है।

बंगला ख़ाली ना किया तो ताला तोड़ दिया जाएगा

गृह विभाग के अफसरों का कहना है कि जिन पूर्व मंत्रियों और विधायकों ने बंगले खाली नहीं किए हैं, उन्हें पहले 7 दिन का नोटिस दिया गया था। इसके बाद भी आवास खाली नहीं किया गया, तो बेदखली का पहला नोटिस 19 फरवरी को भेजा गया। इसमें 10 दिन का समय दिया गया था। इस नोटिस को भी अनदेखा कर दिया गया। अब बेदखली का दूसरा नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी बंगला खाली नहीं करने पर ताला तोड़कर सामान बाहर कर दिया जाएगा। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अफसर भी मौजूद रहेंगे।

क्या है नोटिस में

संपदा संचालनालय गृह विभाग के ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि ‘संबंधित पूर्व मंत्री व विधायक लोक परिसर का अनधिकृत उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में नियमों के मुताबिक उन्हें लोक परिसर से बेदखल किया जाने का प्रावधान है, इसलिए लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम 1974 (क्रमांक 46 सन 1974) की धारा 4 की उपधारा (1) में प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुए बंगला खाली न करने का कारण बताएं। प्रस्तावित बेदखली आदेश को क्यों न अंतिम रूप में लागू किया जाए।