Tue. Apr 23rd, 2024

प्रदेश के 6 नए शहरों में बनेंग एयरपोर्ट, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दी बड़ी सौगात

लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने मध्य प्रदेश में 6 नए एयरपोर्ट बनवाने की घोषणा की है। इन एयरपोर्टस को लेकर केंद्र सरकार ने कार्य योजना तैयार कर ली है। मध्य प्रदेश में लगातार हवाई यात्राओं को विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी में सिंधिया ने किया ये एलान

मध्य प्रदेश में गुना और शिवपुरी जिले में रहने वाले क्षेत्रवासियों को आज एक बड़ी सौगात मिली है। इस सौगात के जरिए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कई लोगो के सपने पुरे किए है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री द्वारा सूचित किया गया है की जल्दी ही गुना जिला और शिवपुरी जिला में नए हवाईअड्डे बनाए जाएंगे। ग्वालियर और जबलपुर एयरपोर्ट के लोकार्पण के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश के एयरपोर्ट की संख्या आने वाले समय में बढ़कर 10 तक हो जाने का ऐलान किया है।

प्रदेश में 10 एयरपोर्ट हो जाएंगे

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में पहले चार एयरपोर्ट थे। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर शामिल है। मध्य प्रदेश में हवाई यात्रा को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पूरे प्रदेश में प्रति सप्ताह 489 हवाई जहाज का आवागमन होता था। अब इन एयरपोर्ट से प्रति सप्ताह 1000 विमान का आवागमन होता है। इस प्रकार उन्होंने पिछले तीन सालों की अपनी उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश में 10 एयरपोर्ट नजर आएंगे।इनमें शिवपुरी, गुना, दतिया, उज्जैन, रीवा, सतना शामिल है। इन सभी शहरों में आने वाले समय में एयरपोर्ट बनने वाले है।

जिस शहर में एयरपोर्ट बनता है, वहां का व्यापार, व्यवसाय, पर्यटन और रोजगार भी बढ़ता है

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि जिस शहर में एयरपोर्ट बनता है, वहां का व्यापार, व्यवसाय, पर्यटन और रोजगार भी बढ़ता है।मध्य प्रदेश के कोने- कोने में एयरपोर्ट बनने वाले हैं, जिससे यहां पर व्यापार भी बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि बीते तीन साल पहले तक मध्य प्रदेश के केवल 12 शहर ही हवाई मार्ग से जुड़े हुए थे, वहीं अब तीन सालों में इन शहरों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है।

शिवपुरी के बदरवास की मोदी जैकेट ने मचाई धूम, 100 करोड़ से ज्यादा का हुआ कारोबार

शिवपुरी की बदरवास तहसील में कई दशकों से बन रही जैकेट की डिमांड पूरे देश मे 2014 के बाद बढ़ गई, की सूक्ष्म लघु उद्योग के रूप में शुरू हुए कारोबार का टर्नओवर आज 100 करोड़ से ज्यादा हो गया है।

बदरवास की मोदी जैकेट की डिमांड पूरे देश तेज़ी से बढ़ रही है, 25 साल पहले शुरू हुआ जैकेट के कारोबार अब नई ऊंचाई छू रहा है। 2014 के बाद से मोदी जैकेट के नाम पर इन्हें तैयार किया जा रहा हैं। कारोबार से सीधे तौर पर 2000 परिवार को रोजगार मिलता है।

2021 में मिला था एक जिला एक उत्पाद का दर्जा

राज्य सरकार ने जैकेट मैनुफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए इसे एक जिला एक उत्पाद में शामिल किया था। जिससे कि ब्रांडिंग बेहतर ढंग से हुई और सप्लाई चैन में भी दिक्कत ना हो यह सरकार ने सुनिश्चित किया, इसी का परिणाम है कि उद्योग 100 करोड़ पार पहुँच चुका है।

महिलाओं को मिला रोजगार

खास बात यह है कि जैकेट कारोबार से महिलाओं को सबसे ज्यादा रोजगार मिल रहा है। घर बैठे काम मिलने से महिलाओं की आमदनी बढ़ रही है। 13 से 18 फरवरी, 2024 तक बदरवास क्लस्टर की 19 महिला कारीगरों को भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) परिसर में क्वालिटी, मार्केटिंग और वर्चुअल मर्चेंडाइजिंग पर एडवांस ट्रेनिंग दी गई। इस कोर्स में कपड़ा निर्माण की पेचीदगियां, बिक्री-मार्केटिंग की रणनीतियां और ब्रांड बनाने के पहलुओं को शामिल किया गया।

शिवपुरी के जंगल में पड़ी हैं 200 गायों की लाशे, आखिर क्या हादसा हुआ इन बेजुबानों के साथ

मध्य प्रदेश के शिवपुरी में करैरा के जंगल में 200 से अधिक गायों के शव मिले हैं। बड़ी तादाद में जंगल में इधर-उधर बिखरे पड़े गोवंशों के ये शव कुछ दिन पुराने हैं। मौत की वजह अभी तक किसी को भी पता नहीं है। इतनी बड़ी संख्या में गायों की मौत की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया है। उधर, प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद ही घटना की असल सच्चई सामने आ पाएगी।

मामले की होनी चाहिए सख़्त जांच

इस घटना में कई लोग आशंका जता रहें है की गोवंश की मौत शहरी क्षेत्र में हुई है और वहां से शवों को उठाकर यहां जंगल में ठिकाने लगाया गया है स्थानीय लोगों का कहना है कि जो मामला जंगल से सामने आया है, वह एक-एक कर ऐसा करना संभव नहीं है। वो कहते हैं कि जिधर देखो वहां सिर्फ गोवंश के ही शव बिखरे पड़े हैं। लोगों का कहना है कि इस इलाके में जिस तरह से यहां गाय के शव बिखरे पड़े हैं। उन्हें देखकर साफ तौर पर यह कहा जा सकता है कि मामले की एक बड़ी जांच होना चाहिए।

वन विभाग है बेखबर

शिवपुरी के जंगल के बीचो-बीच मिले बड़ी तादाद में मिले गोवंश के शव से वन विभाग भी घेरे में आ गया है। लोगो की शिकायत है की कैसे इतनी बड़ी तादाद में यहां गोवंशों के शव पहुंच गए और अगर शब पहुंचे हैं, तो फिर इसकी जानकारी वन विभाग को कैसे नहीं लगी, फिलहाल, इस संबंध में वन विभाग का कुछ भी कहना नहीं है और वह चुप्पी साधे हुए हैं।