Sat. Apr 13th, 2024

कांग्रेस ने अपने ही गढ़ में ऐसी मात खाई की 35 साल से अब तक चुनाव जीतने में विफल आजादी से ही कांग्रेस का गढ़ रहा

इंदौर लोकसभा क्षेत्र अब पूरी तरह से भाजपामय हो गया है, 1989 में पहली बार जीती सुमित्रा महाजन ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाशचंद्र सेठी को कड़ी शिकस्त दी थी, जिसके बाद ताई के नाम से मशहूर सुमित्रा महाजन 8 बार सांसद रही। वर्तमान में इंदौर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली 9 विधानसभा भी भाजपा के कब्जे में है और 1983 में पहली बार इंदौर निगम जीतकर कांग्रेस का सफाया कर दिया।

देश एक मात्र शहर है इंदौर

मप्र के आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर शहर पूरे देश मे एक मात्र शहर ऐसा है जहाँ आईआईएम और आईआईटी दोनों ही मौजूद हैं। विश्वप्रसिद्ध दोनों संस्थानों की स्थापना कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही गई। बीआरटीएस का प्रोजेक्ट भी यूपीए सरकार के समय शहर को मिला था, पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने मुद्दा ना भुना पाने से नगर निगम तक हाथ से निकल गया।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष भी हार गए चुनाव

2023 विधानसभा चुनावों में जहाँ कांग्रेस दम लगा रही थी कि 18 साल की एन्टी इनकम्बेंसी है पर तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के द्वारा शुरू की गई योजना की लहर में लगातार अच्छे बहुमत से जीत रहे जीतू पटवारी को भी हार का सामना करना पड़ा जिसके बाद कांग्रेस इंदौर की सभी विधानसभा से वर्चस्व खत्म हो गया।विजयवर्गीय जहाँ गए वहाँ जीते इंदौर के कद्दावर नेता और वर्तमान सरकार में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के लिए ऐसा कहा जाता है कि वे जिस विधानसभा से चुनाव लड़ ले उसके बाद वहां कांग्रेस चुनाव नहीं जीत पाती है, उन्होंने तीन नम्बर हो महू और इस विधानसभा क्रमांक 1 में लगातार कांग्रेस को प्रचंड बहुमत से हराया है।

अपने नेताओं की सुस्ती और कामों को जनता तक ना पहुचना पड़ा भारी

इंदौर के सामाजिक कार्यकर्ता शिवाजी मोहिते का कहना है कि इंदौर में कांग्रेस एक समय काफी मजबूत थी, लेकिन 1989 के बाद संगठन पर बड़े नेतागणों ने ध्यान नहीं दिया। कई सालों तक कार्यकारिणी घोषित नहीं होती थी, जबकि भाजपा ने वार्ड और बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करने में मेहनत की। इंदौर में कई बड़े काम कांग्रेस सरकार की देन हैं, लेकिन चुनाव के समय कांग्रेस उम्मीदवार उसे भुना नहीं पाए।

Digital Arrest कर इंदौर के डॉक्टर दम्पत्ति से ठगे 8 लाख, जानिए क्या है Digital Arrest, कैसे करते हैं इस तरह का फ्रॉड

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) नई और बेहद हाईटेक ऑनलाइन ठगी का मामला इंदौर क्राइम ब्रांच (Crime Branch) में दर्ज हुआ है। इंदौर के राजेन्द्र नगर निवासी डॉक्टर दम्पति को ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए 53 घंटे डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) कर के रखा और बाद 8 लाख 36 हज़ार अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।

मुंबई CBI की स्काइप आईडी से आया था कॉल

डॉक्टर दम्पति ने बताया कि उन्हें मुम्बई सीबीआई स्काईप आईडी से वीडियो कॉल आई थी। कॉल पर ठगों ने कस्टम अधिकारी बताया और कहा कि इंटरनेशनल कुरियर कम्पनी के लिए पार्सल डिलीवर हुआ है। जिसमे एक लेपटॉप, 40 किलो कपड़े और एमडी एमए ड्रग जब्त हुई। फेक अधिकारी ने कहा कि इस डिलीवरी और कंपनी के जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं उसमें आपके आधारकार्ड और अन्य आईडी का प्रयोग हुआ है।

53 घंटे तक Digital Arrest रखा

ठगों ने कहा कि अभी आपके बयान लिए जाएंगे तो हमारे अधिकारी आपको एक वीडियो कॉल करेंगे जहाँ आपको अपने बयान दर्ज कराने होंगे। वीडियो कॉल वर्दी में ल सीबीआई अधिकारी और अन्य ऑफिसर दिखे जहाँ उन्होंने अलग अलग धाराओं में फ़साने को लेकर डराया। इसके बाद आरबीआई से एक कॉल आया तो डॉक्टर दम्पत्ति ने ठगों के एकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए।

क्या होता है Digital Arrest?

कानूनी तौर पर Digital Arrest नाम का कोई शब्द नहीं है। यह एक फ्रॉड करने का तरीका है,जो साइबर ठग अपनाते हैं। इसका सीधा मतलब होता है ब्लैकमेलिंग, जिसके जरिए ठग अपने टारगेट को ब्लैकमेल करता है। डिजिटल अरेस्ट में कोई आपको वीडियो कॉलिंग के जरिए घर में बंधक बना लेता है। वह आप पर हर वक्त नजर रख रहा होता है। डिजिटल अरेस्ट के मामलों में ठग कोई सरकारी एजेंसी के अफसर या पुलिस अफसर बनकर आपको वीडियो कॉल करते हैं। इसके बाद ठग आपको कहते हैं कि आपका आधार कार्ड सिम कार्ड या बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए हुआ। वह आपको फर्जी गिरफ्तारी का डर दिखाकर घर में ही कैद कर देते हैं। इसके बाद वह झूठे आरोप लगाते हैं और जमानत की बातें कह कर पैसे ऐंठ लेते हैं। अपराधी इस दौरान आपको वीडियो कॉल से हटने भी नहीं देते हैं और ना ही किसी को कॉल करने देते हैं। डिजिटल अरेस्ट के इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।

साइबर ठगों को ट्रेस करना बहुत कठिन

हजारों किलोमीटर दूर बैठकर साइबर ठग आपको अपना शिकार बना लेते हैं। स्काइप आईडी, वीचैट और उन वीडियो कॉलिंग से आपसे संपर्क करते हैं ऐसे में पुलिस को 3 से 6 महीने तो आरोपियों का डाटा, यूआरएल जानकारी लेने के लिए समय लग जाता है। अधिकतर एप्लीकेशन्स के सर्वर विदेश में हैं, जहां से जानकारी जुटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करना पड़ती है और कई महीनों तक जानकारी नहीं मिल पाती।

राहुल के महुआ बीनने पर बयानों की बौछारें तेज, सीएम मोहन के बयान पर PCC चीफ जीतू पटवारी ने दिया करारा जवाब,बोले – मोहन यादव पर्ची के CM हैं जनता के नहीं

राहुल गांधी के महुआ बीनने पर एमपी में सियासत कम होने का नाम नहीं ले रही है। अब PCC चीफ जीतू पटवारी ने भी सीएम डॉ. मोहन यादव के बयान को आदिवासियों के अपमान बताते हुए उनको माफी मांगने की बात कही। साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान पर नाराजगी भी जाहिर की।

मोहन यादव पर्ची के CM हैं जनता के नहीं

लोकसभा चुनाव की तारीखे नजदीक है ऐसे में पार्टियां चुनावी प्रचार- प्रसार में जुटी हुई है। इस बीच सियासी बयानों का शोर भी तेज होता हुआ नजर आ रहा है। राहुल गांधी के ऊपर दिए बयान पर PCC चीफ जीतू पटवारी ने सीएम डॉ. मोहन यादव को घेरते हुए कहा कि उन्हें आदिवासी समाज से माफी मांगनी चाहिए। सीएम मोहन ने आदिवासियों का अपमान किया है। बीजेपी सरकार ने जो महंगाई गरीबों पर लादी है, उससे निजात पाने के लिए आदिवासी भाई बहन महुआ बीनते है। इससे उनकी रोजी-रोटी चलती है। साथ ही उन्होंने कहा कि मोहन यादव बार- बार बताते हैं कि वह पर्ची के सीएम हैं। जनता के चुने हुए मुख्यमंत्री नहीं हैं।

शहडोल दौरे पर थे PCC चीफ जीतू पटवारी

बुधवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी शहडोल दौरे पर थे। जहां उन्होंने लोकसभा प्रत्याशी फुन्देलाल सिंह के पक्ष में प्रचार किया। इस बीच उन्होंने अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के दमेहड़ी में जनसभा को संबोधित किया। जहां उन्होंने आदिवासी परंपरा के अनुसार ढोल-मांदल बजाया। इस दौरान PCC चीफ जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा करते हुए सीएम को माफी मांगने की बात कहीं।

सीएम ने राहुल के महुआ बीनने पर दिया था बयान

गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी मध्य प्रदेश दौरे पर आए थे। तब उन्होंने रास्ते में जाते समय महुआ बीन रही आदिवासी महिलाओं से मुलाकात की थी, और तभी उन्होंने उनसे बात करते हुए महुआ का स्वाद भी चखा था। जिस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा था कि राहुल गांधी जबरदस्ती के नेता हैं उनका पिंड राजनीति नहीं है. उन्हें यदि महुआ खाना है, तो हम उनका स्वागत करते हैं।

IPL के 17वें सीजन मे Mumbai Indians ने हासिल की पहली जीत, घर में Delhi Capitals को दी 29 रन से शिकस्त

पांच बार की IPL चैंपियन Mumbai Indians को आखिरकार टूर्नामेंट की पहली जीत मिल ही गई। टीम ने रविवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में 29 रन से शिकस्त दी। यह टीम की चार मैचों में पहली जीत है। मुकाबले में Mumbai Indians पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 235 रन बनाए। जवाब में Delhi Capitals की टीम 205 रन ही बना सकी और यह मुकाबला 29 रन से हार गई।

Mumbai Indians ने बनाया सबसे बड़ा स्कोर


मैच में Delhi Capitals के कप्तान रिषभ पंत ने टाॅस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और Mumbai Indians को बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। Mumbai Indians की ओर से रोहित शर्मा के साथ ईशान किशन ओपनिंग करने आए। दोनों बल्लेबाजों ने टीम को ताबड़तोड़ शुरूआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 7 ओवर में 80 रन जोड़ दिए। Mumbai Indians का पहला विकेट रोहित शर्मा के रूप में गिरा। जो 49 रन बनाकर अक्षर पटेल का शिकार हो गए। इसके बाद वापसी कर रहे सूर्यकुमार यादव शून्य रन बनाकर आउट हो गए।

आईपीएल के 17वें सीजन मैं मुंबई इंडियंस ने हासिल की पहली जीत


Mumbai Indians का स्कोर 80 रन पर शून्य विकेट था। लेकिन Mumbai Indians 125 के स्कोर तक पहुंचने पर 4 विकेट गिरकर गए। इसके बाद कप्तान हार्दिक पंड्या ने टिम डेविड पारी को संभाला और 60 रन की साझेदारी की। हार्दिक पंड्या 39 रन बनाकर आउट हो गए। अंतिम ओवर में शेफर्ड ने नाखिया के ओवर में 32 रन बनाए और Mumbai Indians का स्कोर 235 रन तक पहुंच दिया। Mumbai Indians की ओर से शेफर्ड 10 गेदों पर 39 रन और टिम डेविड 45 रन बनाकर नाबाद रहे। यह IPL इतिहास का बिना फिफ्टी के सबसे बड़ा स्कोर बनाया।

Delhi Capitals नहीं कर सका चेस


जवाब में Delhi Capitals की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने डेविड वार्नर का बड़ा विकेट महज 22 रन के स्कोर गंवा दिए। वहां 10 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद पृथ्वी शाॅ और अभिषेक पोरेल ने पारी को संभाला। दोनों ने 88 रन जोड़े। इसके बाद पृथ्वी शाॅ 66 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद अभिषेक भी 41 रन बनाकर आउट हो गए।
फिर एक छोर ट्रिस्टन स्टब्स ने संभाला रखा। वें अपनी बैटिंग से टीम को जिंदा रखे रहे। लेकिन दूसरे छोर पर लगातार विकेट गिरते रहे। जिसके कारण Delhi Capitals की टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 205 रन ही बना पाई। Delhi Capitals की ओर से स्टब्स ने सबसे ज्यादा नाबाद 71 रन बनाए। वही मुंबई की ओर से कोट्त्जे ने सबसे ज्यादा 4 विकेट और जसप्रीत बुमराह ने 2 विकेट हासिल किए।

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आचार संहिता के बाद एक्शन में Police, प्रदेश में अब तक 18 करोड़ की अवैध शराब और 6 करोड़ की नगदी जब्त की

लोकसभा चुनावों के आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से प्रशासन और Police की मुस्तैदी के चलते प्रदेश में 6 करोड़ से ज्यादा की नगदी, 18 करोड़ की अवैध शराब बरामद की है। दो लाख 60 हजार 74 लाइसेंसी शस्त्र थानों में जमा कराए गए हैं। यह कारवाई Police ने चुनाव की आचार संहिता लगने के बाद की है।

Police ने 6 करोड़ से ज्यादा के नगदी जब्त

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया है कि आचार संहिता के प्रभावशील होने के बाद Police एवं अन्य जांच एजेंसियों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। दो अप्रैल 2024 तक छह करोड़ 58 लाख 53 हजार 49 रुपये की ऐसे नकदी जब्त की गई है, जिसका ब्योरा नगदी के साथ पकड़ाया व्यक्ति नहीं दे पाया।

आचार संहिता के बाद एक्शन में Police

11 लाख लीटर अवैध शराब जब्त की आबकारी ने

11 लाख 32 हजार 859 लीटर अवैध शराब जब्त की गई, जिसका मूल्य 17 करोड़ 95 लाख 55 हजार 629 रुपये होता है। इसी तरह 14 करोड़ 34 लाख 35 हजार 955 रुपये मूल्य के 10 हजार 285 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स और तीन करोड़ 92 लाख 71 हजार 21 रुपये मूल्य की 199 किलोग्राम से अधिक कीमती धातुएं भी जब्त की गई हैं। इसके अलावा 20 करोड़ 69 लाख 650 रुपये मूल्य की अन्य सामग्री भी जब्त की गई हैं।

75वीं बार रंगपंचमी पर निकली रंगों से सराबोर गैर, 6 लाख से ज्यादा लोग हुए शामिल, जानिए 75 साल का इतिहास

मप्र के इंदौर की गेर केवल प्रदेश और देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में भी प्रसिद्ध है। रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर में लाखों लोग एक साथ होली मनाते हुए एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाते हुए नजर आए, फिर वह चाहे उनका परिचित हो या ना हो। इस बार गैर में 6 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। होलकर शासन काल से शुरू हुआ गेर का यह सिलसिला 75 वर्ष पूरा कर चुका है। इसको पारिवारिक स्वरूप स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ के द्वारा 26 साल पहले राधाकृष्ण फाग यात्रा निकाल कर दिया गया।

चाय पीते पीते बनी गेर निकालने की योजना

टोरी कार्नर गेर के संयोजक शेखर गिरि बताते हैं कि पहले यहाँ लोग चाय पीते हुए पूरे शहर की जानकारी साझा किया करते थे, आकाशवाणी केंद्र होने से लोग समाचार के लिए आते थे तब हम लोगो ने ने रंगों से भरा कढ़ाव लगाना शुरू किया, जिसमें लोगों को डुबोया जाने लगा। इसके बाद लोग रंगभरी बाल्टियां लेकर राजवाड़ा पर इकट्ठा होने लगे और इस तरह शहर की सबसे पुरानी गेर निकलना शुरू हुई।

हाथी-घोड़ों को साथ लेकर संगम कॉर्नर ने शुरू की नई प्रथा

संगम कॉर्नर ने गेर में 70 साल पहले हाथी-घोड़ो को शामिल कर एक नई प्रथा शुरू की। संगम कॉर्नर से जुड़े हेमन्त खंडेलवाल ने बताया कि इसकी शुरुआत नाथूराम खंडेलवाल जी ने बिना किसी बाहरी सहयोग के की थी पर समय के साथ राजनीतिकरण होने से हुड़दंग होने लगी थी।

परिवारिक स्वरूप देकर नया रूप दिया था

लक्ष्मण सिंह ने हुड़दंग होने के बाद स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ ने नृसिंह बाजार से 26 साल पहले राधाकृष्ण फाग यात्रा से शुरू की। इसमें यात्रा का धार्मिक और शालीन स्वरूप देकर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना शुरू की गई। संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ बताया कि एक बार फिर रंगपंचमी पर यात्रा अपने स्वरूप में निकलेगी। इस बार फिर परिवार के साथ शामिल महिला के लिए विशेष सुरक्षा घेरा चलेगा। इसके साथ खास बात अयोध्या में बना राम मंदिर की प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र बनेगा

चुनाव की तारीखों के घोषणा के बाद आमने-सामने हुए बीजेपी कांग्रेस, कांग्रेस ने कहा- इस बार चौंकाने वाले परिणाम होंगे

शानिवार को लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव की शुरुआत 11 अप्रैल से होगी और 1 जून तक चलेगी। इस दौरान पूरे देश में 7 चरणों में मतदान होगें। वही प्रदेश में 4 चरणों में चुनाव होगें। चुनाव की घोषणा के बाद प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने चौंकाने वाला बयान दिया है। जहां भाजपा ने चुनाव को पव बताया तो वही कांग्रेस ने कहा इस बार के नतीजे चौंकाने वाले होगें।

सीएम ने बताया महापर्व

लोकसभा चुनाव के लिए तारीखों के ऐलान के बाद CM डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा- लोकतंत्र में जनता और जनादेश ही सर्वोपरि है, जनता ही सरकार का निर्माण करती है और देश की प्रगति के लिए समर्पित हाथों को नेतृत्व सौंपती है। लोकतंत्र के महापर्व ‘आम चुनाव’ घोषित होने पर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र हमारे भारत के समस्त नागरिकों का अभिनंदन करता हूं।

आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसे साकार करने के प्रयासों में सहभागिता का अवसर अब करीब है। आज जन-जन का मन PhirEkBaarModiSarkar के प्रण से उत्साहित है. आइए, हम सभी लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भूमिका का निर्वहन करें और भारत को विश्व की प्रमुख शक्ति बनाने में योगदान दें. भारत माता की जय!

चौंकाने वाले परिणाम होंगे

कांग्रेस नेता महेंद्र सिंह चौहान ने लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा- इस बार बहुत ही चौंकाने वाले परिणाम आएंगे. मंडलम, सेक्टर और बूथ तक कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारी की है. दो-तीन दिन के भीतर सभी बची हुई सीटों पर भी प्रत्याशी घोषित हो जाएंगे. इस चुनाव से पहले जिन लोगों ने कांग्रेस पार्टी छोड़ी है उनसे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।

पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने लोकसभा चुनाव को लेकर कहा कि कांग्रेस की तैयारी पूरी है. उन्होंने कहा- कांग्रेस की पूरी तैयारी है. विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस का माहौल था. अब कांग्रेस की टीम बूथ स्तर तक सक्रिय है. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मीटिंग ली है. आम चुनाव के लिए एमपी कांग्रेस की मीटिंग चल रही है. इस बार चुनाव में इलेक्टोरल बॉन्ड का नया मुद्दा जुड़ गया है. कई बड़ी कंपनियों ने बॉन्ड के जरिए पैसे दिए।

लोकसभा चुनाव का बजा बिगुल, जानिए आपके गांव और शहर में कब डलेगें वोट

लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। इस साल लोकसभा चुनाव की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी। जो 7 चरण में 1 जून तक होगें। चुनाव के नतीजे 4 जून को आएंगे। चुनाव के ऐलान के साथ ही पूरे देश में आचार संहिता लग गई है। वही मप्र में भी 4 चरणों में चुनाव होगें। जिसमें पहला चरण 19 अप्रैल, दूसरे चरण 26 अप्रैल, तीसरे चरण 7 मई और चौथे चरण 13 मई को संपन्न होगा।

पूरे प्रदेश में लगी आचार संहिता

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने कहा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 की तारीखों की शनिवार को घोषणा कर दी गई है। इसके साथ ही प्रदेश में आदर्श आचार संहिता भी पूरी तरह से प्रभावशील हो गई है। इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा। राजन ने बताया कि प्रदेश में चार चरणों में चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी।

पहले चरण के लिए मतदान 19 अप्रैल, दूसरे चरण के लिए 26 अप्रैल, तीसरे चरण के लिए 7 मई और चौथे चरण के लिए मतदान प्रक्रिया 13 मई को संपन्न होगी। मतगणना 4 जून 2024 को होगी।

पहले चरण में इन सीटों पर

राजन ने बताया कि पहले चरण में छह लोकसभा संसदीय क्षेत्रों सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट एवं छिंदवाड़ा में 19 अप्रैल 2024 को मतदान होगा। पहले चरण के लिए अधिसूचना 20 मार्च को जारी होगी। इसी दिन से नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 27 मार्च है। 28 मार्च को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी। प्रत्याशी 30 मार्च तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। 

26 अप्रैल को इन सीटों पर वोटिंग

दूसरे चरण में 7 लोकसभा संसदीय क्षेत्रों टीकमगढ़, दमोह, खजुराहो, सतना, रीवा, होशंगाबाद एवं बैतूल में 26 अप्रैल 2024 को मतदान होगा। इस चरण के लिए अधिसूचना 28 मार्च को जारी होगी। इसी दिन से नामांकन पत्र दाखिल किए जाएंगे। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 4 अप्रैल है। नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी 5 अप्रैल को की जाएगी। प्रत्याशी 8 अप्रैल तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 26 अप्रैल को होगा। 

7 मई को इन आठ सीटों पर

तीसरे चरण में आठ लोकसभा संसदीय क्षेत्रों मुरैना, भिंड, ग्वालियर, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल एवं राजगढ़ में 7 मई 2024 को मतदान होगा। इस चरण के लिए अधिसूचना 12 अप्रैल को जारी होगी। प्रत्याशी 19 अप्रैल तक नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। 20 अप्रैल को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी। प्रत्याशी 22 अप्रैल तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 7 मई को होगा। 

चौथा व अंतिम चरण 13 मई को इन सीटों

प्रदेश में मतदान के चौथे व अंतिम चरण में आठ लोकसभा क्षेत्रों देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन एवं खंडवा में 13 मई को मतदान होगा। इस चरण के लिए अधिसूचना 18 अप्रैल को जारी होगी। प्रत्याशी 25 अप्रैल तक नामांकन पत्र जमा कर सकेंगे। 26 अप्रैल को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी की जाएगी। प्रत्याशी 29 अप्रैल तक अपने नाम वापस ले सकेंगे। मतदान 13 मई को होगा।

नवनियुक्त चुनाव आयुक्त के पदभार ग्रहण के बाद तुरंत एक्शन मोड, शानिवार को 3 बजे होगी लोकसभा चुनाव की घोषणा

आगामी लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग के द्वारा शनिवार को किया जायेगा। इसके साथ ही कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का भी ऐलान किया जाएगा। चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिये ये जानकारी दी। चुनाव आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिये देश में होने वाले आम चुनाव के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी भी देगा।

तारीखों के ऐलान के बाद आचार संहिता लागू

ईसी के शेड्यूल के तहत बताया जाएगा कि लोकसभा चुनाव 2024 और कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव कब, कितने चरणों में होंगे और उनके लिए क्या बंदोबस्त किए जाएंगे। चुनाव की तारीखों के ऐलान के ठीक बाद चुनावी आचार संहिता अमल में आ जाएगी और उसकी वजह से सरकार कोई भी नए नीति या फिर फैसले की घोषणा नहीं कर सकेगी।

निर्वाचन आयोग ने की जानकारी साझा

नवनिुयुक्त चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करेंगे। शुक्रवार को दोनों नवनियुक्त चुनाव आयुक्त के पदभार ग्रहण करने के बाद निर्वाचन आयोग ने ये जानकारी साझा की है।नोटिफिकेशन में लिखा है कि आम चुनाव 2024 के साथ कुछ राज्यों में विधानसभाओं के कार्यक्रम की भी घोषणा की जाएगी।

शनिवार को 3 बजे होने वाली ईसीआई की प्रेस कॉन्फ्रेंस को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइवस्ट्रीम किया जा सकेगा। अनूप चंद्र पांडे के 14 फरवरी को सेवानिवृत्त होने और 8 मार्च को अरुण गोयल के अचानक इस्तीफे के बाद से निर्वाचन आयोग में ये पद खाली थे। ज्ञात हो कि गुरुवार को ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाले चयन पैनल की सिफारिश के बाद विधि एवं न्याय मंत्रालय ने पूर्व आईपीएस ज्ञानेश कुमार और पूर्व आईपीएस सुखबीर संधू को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त करने की अधिसूचना जारी की थी। आज सुबह दोनों पूर्व आईएएस ने चुनाव आयुक्त का पदभार ग्रहण किया है।

MP कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा तोहफा, एमपी कैबिनेट बढा सकती है डीए

Bhopal: लोकतंत्र के उत्सव यानी चुनावों को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। सरकारें आम जनता और सरकारी कर्मचारियों को लुभाने में लगी हुई हैं। ऐसे लम्बे समय से मंहगाई भत्ते में बढ़त को लेकर माँग उठ रही थी जिसे कैबिनेट में मंजूरी मिल सकती है।

कर्माचारियों को मिलेगी राहत

यह प्रपोजल पर लग सकती है मोहर डिपार्टमेंटल जांच से लेकर डेवेलपमेंट से जुड़े प्रपोजल पर डिसीजन लिया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकता है।

केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के भत्ते में 8% का अंतर केंद्रीय और राज्य सरकार में महंगाई भत्ते को लेकर 8 प्रतिशत का अंतर आ गया है। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए केंद सरकार ने जनवरी 4% फीसदी का इजाफा किया। इसके चलते वर्तमान में कर्मचारियों को 50 फीसदी का महंगाई भत्ता मिल रहा है। वहीं राज्य के कर्मचारियों की बात करे तो यहां अभी 42 फीसदी ही महंगाई भत्ता दिया जा रहा है।