Tue. Apr 23rd, 2024

UPSC रिजल्ट 2023 में MP की बेटियों ने रचा इतिहास

यूपीएससी 2023 का फाइनल रिजल्ट घोषित हो गया है। इस बार मप्र की दो बेटियों ने टॉप 20 में जगह बनाई है। छोटे से गाँव मोरखा के रहने वाले शुभम ने 556वी रेंक हासिल की है, जबलपुर की स्वाति की 15वीं रैंक है।

इंटरव्यू में पूछा इंदौर को कैसे स्वच्छता में पीछे कर सकते हैं

इंदौर की रहने वाली अनुष्का शर्मा ने 20वी रैंक हासिल की है। उन्होंने तीसरी कोशिश में सफलता प्राप्त की है। अनुष्का ने बताया कि इंटरव्यू के समय पैनल ने इंदौर स्वच्छता में नम्बर 1 क्योँ है? और इसे कैसे पीछे कर सकते हैं? सवाल पूछे थे।

आईएस छोटे सिंह की बेटी छाया का भी हुआ चयन

राजस्व मंडल ग्वालियर में पदस्त अपर आयुक्त छोटे सिंह की बेटी छाया सिंह ने आखिरी प्रयास में 65वीं रैंक प्राप्त की है। इन्हीं के साथ भोपाल के रहने वाले दो सगे भाइयों डॉ सचिन गोयल को 209वी और समीर गोयल को 222वी रैंक मिली है।

आदिवासी बाहुल्य जिले के शुभम को भी सफलता

बैतूल जिले के छोटे से गाँव मोरखा के रहने वाले शुभम ने भी यूपीएससी में 556वी रैंक हासिल की है।
शुभम ने लॉ की पढ़ाई के साथ-साथ सिविल सेवा की भी तैयारी शुरू कर दी थी। उनके पिता भी वकील हैं और माता सरकारी टीचर। उनकी सफलता से पूरे गांव में जश्न का माहौल है।

सब इंस्पेक्टर की बेटी ने प्राप्त की 485वीं रैंक

सतना जिले में पदस्थ सब इंस्पेक्टर विजय सिंह कुशवाह की बेटी काजल सिंह ने प्रथम प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास कर 485वीं रैंक हासिल की है। काजल सिंह ने बताया कि अभी कुछ कमी रह गई है, उनका उद्देश्य यूपीएससी टॉप 10 में आकर आईएएस अधिकारी बनना है। इसके लिए वो पुनः प्रयास करेंगी।

मप्र से 31 अभियर्थियों का हुआ है चयन

अयान जैन-16वीं रैंक-भोपाल
तेजस अग्निहोत्री-37वीं रैंक-भोपाल
छाया सिंह-65वीं रैंक-भोपाल
मान्या-84वीं रैंक- ग्वालियर
आयुषी बंसल-97वीं रैंक-ग्वालियर
आकाश अग्रवाल-105वीं रैंक-भोपाल
मनोज कुमार-120वीं रैंक-सागर
कुलदीप पटेल-181वीं रैंक-छतरपुर
सचिन गोयल-209वीं रैंक-भोपाल
माधव अग्रवाल-211वीं रैंक-ग्वालियर
आराधना चौहान- 251 वीं रैंक, इंदौर
समीर अग्रवाल-222वीं रैंक-भोपाल
रीजू श्रीवास्तव-227वीं रैंक-भोपाल
अर्नव भंडारी-232वीं रैंक-भोपाल
जिज्ञासु अग्रवाल-326वीं रैंक-जबलपुर
क्षीतिज आदित्य शर्मा-384वीं रैंक-भोपाल
आदित्य धोहार-603वीं रैंक-भोपाल
मैत्रिय कुमार शुक्ला-633वीं रैंक-सीधी
मानव जैन-634वीं रैंक-गुना
साक्षी दुबे-654वीं रैंक-सागर
प्रजावल चौरसिया-694वीं रैंक-छतरपुर
नितिन चंद्रोल-700वीं रैंक-मंडला
वैभव राठौर-717वीं रैंक-भिंड
नीरज धाकड़-747वीं रैंक-मुरैना
अंकेश वर्मा-813वीं रैंक-रीवा
भारती साहू-850वीं रैंक-भोपाल
नीलेश-916वीं रैंक-होशंगाबाद
चंद्रशेखर मेहरा-947वीं रैंक-नरसिंहपुर
नीरज सोनगरा-964वीं रैंक-भोपाल
वेदिका बंसल- 96 वीं रैंक, रीवा
माही शर्मा-106 वीं रैंक, धार

लोकसभा चुनाव के लिए इंदौर कलेक्टर का नवाचार, मतदान कर्मियों की ली exam

सरकारी कर्मचारियों की योग्यता परखने लिए ली परीक्षा, 1967 में से 18 हुए फेल, फिर से लेना होगा परीक्षण

लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) 2024 के लिए मतदान केंद्रों पर सरकारी कर्मचारियों की तैनाती के लिए उन्हें परीक्षण दिया जा रहा है। इंदौर कलेक्टर के प्रदेश में नवाचार के तहत सभी प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारियों की योग्यता जाँचने के लिए ऑनलाइन एग्जाम लि गई। पहले दिन हुई परीक्षा में 1967 कर्मचारियों ने भाग लिया लेकिन 18 यह परीक्षा पास नही कर पाए। अब इनको दूसरी बार प्रशिक्षण लेना होगा।

मतदान केंद्रों पर गलती ना हो इसीलिए ले रहे एग्जाम

प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर.पी. अहिरवार ने बताया कि प्रशिक्षण 15 अप्रेल से शुरू होकर 19 अप्रैल तक चलेगा और जो भी प्रशिक्षार्थी ऑनलाइन एग्जाम को पास नहीं कर पाए उन्हें दूसरे सत्र में फिर से प्रशिक्षण लेना होगा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इस बात पर विशेष तौर से ध्यान दे रहा है कि मतदान केंद्रों पर कोई गलती ना हो इसीलिए कर्मचारियों की सजगता और योग्यता जाँचने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर के आदेश पर ऑनलाइन एग्जाम का प्रबंध किया गया है।

994 प्रशिक्षार्थी को मिले शत प्रतिशत अंक

पहले दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में 994 मतदानकर्मियों ने शत प्रतिशत अंक अर्जित किए। वहीं 405 मतदान कर्मियों को 90 प्रतिशत, 262 को 80 प्रतिशत, 150 को 70 प्रतिशत, 91 को 60 प्रतिशत तथा 47 को 50 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। 50 प्रतिशत से नीचे अंक लाने वालों को फैल माना गया।

गुंडे को थाने लाते ही आए कई बड़े नेताओं के फ़ोन, बाद में पुलिस ने जुलूस निकाला

इंदौर में खजराना चौराहे पर पुलिस कर्मी से झूमाझटकी करने वाला गुंडा करण सिंह मंत्री सिलावट की धौंस दिखाकर थाने से भाग गया, जिसके बाद डीसीपी की तत्परता के चलते गुंडे को फिर गिरफ्तार कर उसका जुलूस निकाला गया

मध्यप्रदेश में इस तरह गुंडों ने आंतक मचा रखा है कि गिरफ्तार होने के बाद पुलिस की गिरफ्त से भाग जाते हैं और पुलिस मुखदर्शक बनी देखती रहती है। दरअसल बात इंदौर के खजराना चौराहे की है, रविवार दिनांक 14 अप्रैल को रात 8:00 बजे ट्रैफिक पुलिस आरक्षण विकास शर्मा अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। सिग्नल पर खड़ी हुई एक CAR का हूटर बज रहा था। CAR के शीशे पर ब्लैक फिल्म चढ़ी हुई थी, और नंबर प्लेट पर नंबर नहीं लिखा हुआ था। सूबेदार श्री बृजराज सिंह अजनार ने आरक्षक विकास शर्मा को भेजा। विकास ने जैसे ही गाड़ी साइड में लगाने के लिए कहा तो CAR में सवार युवक ने अभद्रता शुरू कर दी। फिर आरक्षक विकास को धक्का दिया जिससे वह जमीन पर गिर गया। फिर उसके पेट पर बैठकर उसे पीटा। इस दौरान उसकी वर्दी भी फाड़ दी।

थाने से भगा गुंडा, डीसीपी ने फिर पकड़ा

इतना ही नहीं यह आरोपी पुलिसवालों द्वारा थाने लाए जाने के बाद भी दादागिरी करते हुए थाने से भाग निकला। पुलिसकर्मी विकास शर्मा ने इसकी शिकायत की जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। रविवार की रात करणदीप गुंडई करते हुए थाने के अंदर से गाड़ी में चाबी लगाकर भाग निकला था। जैसे ही इसकी जानकारी आला अफसरों तक पहुँची तो डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा ने टीआई को फटकार लगाई। उन्होंने धरपकड़ में पूरे स्टाफ को लगा दिया। बाद में आरोपी को द्वारकापुरी से गिरफ्तार करवाया।

पिता लिस्टेड गुंडे और बेटे करन को बचाने कई नेताओं के आए थे कॉल

बता दें कि गुंडे करण सिंह धालीवाल पर पहले से 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं, करन के पिता सोंटा सरदार भी इंदौर पुलिस के निगरानीशुदा बदमाश थे। सूत्रों की माने तो करन सिंह का रौब इतना है कि उसके गिरफ्तार होते ही खजराना थाने में कई बड़े बड़े नेताओं के फ़ोन आने लगे थे।

बाद में गिरफ्तार कर चोराहे पर निकाला जुलूस

करन को फिर गिरफ्तार कर उसे उसी जगह लाया गया जहाँ उसने पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी की थी, उससे कान पकड़कर माफी मांगी और उस दौरान वो बोलता रहा कि मैं गुंडा नहीं हूँ।

C21 माॅल के सामने टावर 61 में लगी आग, आधे घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड

गर्मियों में लगातार आगजनी घटनाएं इंदौर में बढती जा रही है। इसी बीच रविवार को इंदौर में एबी रोड पर स्थित C21 मॉल के सामने स्थित बिल्डिंग टावर 61 में आग लग गई। आग शाम करीब 5.15 बजे बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर स्थित रेस्टोरेंट में लगी। थोड़ी ही देर में आग ने बिल्डिंग के नीचे के ऑफिस को भी चपेट में ले लिया।

कडी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू

C21 मॉल से पाइप लाकर टावर 61 में आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन बिल्डिंग के टॉप फ्लोर तक पानी नहीं पहुंच पाया। जिसके बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग किस कारण से लगी और इससे कितना नुकसान हुआ है, ये अभी सामने नहीं आ पाया है।

सड़क पर बनी जाम की स्थिति

जिस समय बिल्डिंग में आग लगी, तब वहां काफी लोग थे। हालांकि सभी को वक्त रहते सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग के कारण एबी रोड पर जाम की स्थिति बन गई है। दोनों तरफ सड़क पर वाहनों की लाइन लग गई। आग के कारण लोटस चौराहे से विजय नगर की तरफ जाना वाला ट्रैफिक बंद कर दिया गया। बिल्डिंग के सामने वाली लेन का ट्रैफिक भमोरी चौराहे और लोटस चौराहे के बीच में बंद कर दिया है। फिलहाल ट्रैफिक को बीआरटीएस लेन से निकाला जा रहा है।

आग ने खड़े किए कई सवाल

यह आग शहर के बीचोंबीच लगी। लेकिन इसके बाद बाबजूद आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड काफी देर से पहुंची। आग 5.15 पर लगी थी लेकिन फायर ब्रिगेड लगभग 40 मिनट बाद पहुंची। तब तक आग काफी ज्यादा फेल चुकी थी। इसी बीच सवाल उठ रहा है कि इंदौर में इतनी लगातार आग क्यों लग रही है। यही आग यदि सामने C21 माॅल में लगती तो और क्या तब ही इतनी लापरवाही होती और तब इतने कितनी जनहानि हताहत हो जाती है।उ

Digital Arrest कर इंदौर के डॉक्टर दम्पत्ति से ठगे 8 लाख, जानिए क्या है Digital Arrest, कैसे करते हैं इस तरह का फ्रॉड

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) नई और बेहद हाईटेक ऑनलाइन ठगी का मामला इंदौर क्राइम ब्रांच (Crime Branch) में दर्ज हुआ है। इंदौर के राजेन्द्र नगर निवासी डॉक्टर दम्पति को ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए 53 घंटे डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) कर के रखा और बाद 8 लाख 36 हज़ार अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।

मुंबई CBI की स्काइप आईडी से आया था कॉल

डॉक्टर दम्पति ने बताया कि उन्हें मुम्बई सीबीआई स्काईप आईडी से वीडियो कॉल आई थी। कॉल पर ठगों ने कस्टम अधिकारी बताया और कहा कि इंटरनेशनल कुरियर कम्पनी के लिए पार्सल डिलीवर हुआ है। जिसमे एक लेपटॉप, 40 किलो कपड़े और एमडी एमए ड्रग जब्त हुई। फेक अधिकारी ने कहा कि इस डिलीवरी और कंपनी के जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं उसमें आपके आधारकार्ड और अन्य आईडी का प्रयोग हुआ है।

53 घंटे तक Digital Arrest रखा

ठगों ने कहा कि अभी आपके बयान लिए जाएंगे तो हमारे अधिकारी आपको एक वीडियो कॉल करेंगे जहाँ आपको अपने बयान दर्ज कराने होंगे। वीडियो कॉल वर्दी में ल सीबीआई अधिकारी और अन्य ऑफिसर दिखे जहाँ उन्होंने अलग अलग धाराओं में फ़साने को लेकर डराया। इसके बाद आरबीआई से एक कॉल आया तो डॉक्टर दम्पत्ति ने ठगों के एकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए।

क्या होता है Digital Arrest?

कानूनी तौर पर Digital Arrest नाम का कोई शब्द नहीं है। यह एक फ्रॉड करने का तरीका है,जो साइबर ठग अपनाते हैं। इसका सीधा मतलब होता है ब्लैकमेलिंग, जिसके जरिए ठग अपने टारगेट को ब्लैकमेल करता है। डिजिटल अरेस्ट में कोई आपको वीडियो कॉलिंग के जरिए घर में बंधक बना लेता है। वह आप पर हर वक्त नजर रख रहा होता है। डिजिटल अरेस्ट के मामलों में ठग कोई सरकारी एजेंसी के अफसर या पुलिस अफसर बनकर आपको वीडियो कॉल करते हैं। इसके बाद ठग आपको कहते हैं कि आपका आधार कार्ड सिम कार्ड या बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए हुआ। वह आपको फर्जी गिरफ्तारी का डर दिखाकर घर में ही कैद कर देते हैं। इसके बाद वह झूठे आरोप लगाते हैं और जमानत की बातें कह कर पैसे ऐंठ लेते हैं। अपराधी इस दौरान आपको वीडियो कॉल से हटने भी नहीं देते हैं और ना ही किसी को कॉल करने देते हैं। डिजिटल अरेस्ट के इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।

साइबर ठगों को ट्रेस करना बहुत कठिन

हजारों किलोमीटर दूर बैठकर साइबर ठग आपको अपना शिकार बना लेते हैं। स्काइप आईडी, वीचैट और उन वीडियो कॉलिंग से आपसे संपर्क करते हैं ऐसे में पुलिस को 3 से 6 महीने तो आरोपियों का डाटा, यूआरएल जानकारी लेने के लिए समय लग जाता है। अधिकतर एप्लीकेशन्स के सर्वर विदेश में हैं, जहां से जानकारी जुटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करना पड़ती है और कई महीनों तक जानकारी नहीं मिल पाती।

BJP जिलाध्यक्ष पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर केस दर्ज, खुद शुभारंभ की फ़ोटो पोस्ट कर फंसे

मप्र के सिहोर में BJP युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र पाटीदार पर कांग्रेस पार्टी की शिकायत पर जिला कलेक्टर व निर्वाचन अधिकारी ने आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज किया। पाटीदार ने आचार संहिता लागू होने के बाद 20 मार्च को गेहूं खरीद केंद्र का शुभारंभ किया था जिसे जांच में सही पाया गया।

कांग्रेस नेता ने की शिकायत

कांग्रेस से जुड़े नेता पंकज शर्मा के अनुसार पिछले दिनों से लगातार सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में BJP के नेताओं द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने युवा मोर्चा के अध्यक्ष की शिकायत जिला कलेक्टर और निर्वाचन अधिकारी सीहोर से की थी।

जाँच में सही पाए गए तथ्य

शिकायत की जाँच करने पर सभी तथ्य सही पाए गए जिसके बाद अनुविभागीय दंडाधिकारी एवम सहायक रिटर्निंग अधिकारी तन्मय वर्मा के आदेश पर भूपेन्द्र पाटीदार पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला कायम किया।

दूसरी पर की शिकायत पर किया प्रकरण दर्ज

शर्मा ने कहा आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत 22 मार्च को जिला प्रशासन से की थी लेकिन उस शिकायत को खारिज कर दिया गया था, बाद सयुंक्त कलेक्टर को ज्ञापन दिया देने के बाद फिर 5 अप्रैल को शिकायत की गई । जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे जिसमें सभी आरोपों को सही पाया गया।कांग्रेस के नेता और पूर्व महासचिव पंकज शर्मा ने आरोप लगाया कि प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है, इसीलिए हमारे द्वारा सभी तथ्य पेश करने के बाद अर्जी को खारिज कर दिया गया था, बाद में मीडिया में मामला आने केबाद प्रशासन ने कारवाही की है।

क्या होता है आचार संहिता का उल्लंघन?

लोकसभा चुनाव के लिए पूरे देश मे आदर्श आचार संहिता लागू है और आचार संहिता की नियमावली के अनुसार कोई भी जनप्रतिनिधि किसी भी तरह की नई योजना की शुरुआत नही कर सकते और ना ही सार्वजनिक उद्धघाटन कार्यक्रम नहीं कर सकते हैं। इसका उल्लंघन करने निर्वाचन अधिकारी द्वारा शिकायत की पुष्टि होने पर आरोपी पर केस दर्ज कर लिया जाता है।

रमज़ान का यह महीना बरकतों व इबादतों का है, इस महीने में होते है 3 अशरे

यह महिना मुसलमानो के लिए बहुत खास होता है, यह मान्यता है कि रमजान–उल–मुबारिक मुस्लिम धर्मानुलंबियों के लिए अल्लाह की तरफ से एक इनाम व इकराम है जिसने इसे पा लिया उसे मिल गया और जिसने ना पाया वह रह गया। इस माह के चांद दिखने के बाद से हि इबादतों, नमाजों, तरावीह व तस्बियों का दौर लगातार सभी मस्जिदों में जारी है, तो वहीं हर मुसलमान समाज के बच्चे व बड़े मस्तुराते मशक्कत के साथ रोजे रख रहे हैं। जिसमें सहरी व इफ्तार की दावते भी जगह-जगह देखने को मिल रही हैं। रमज़ान महीना 3 अशरो में विभाजित होता है, जिनकी मान्यता कुछ इस प्रकार से है –

  1. पहला अशरा – रहमत का (उस रब की बारगाह–ए–करीमी में आंसुओं के चिरागों से उजाला और उसकी रहमत पुकारने के लिए)
  2. दूसरा अशरा – मगफिरत का (मगफिरत की जुस्तजू में और तलब में मसरूफ होने के लिए)
  3. तीसरा अशरा – जहन्नम से आज़ादी के लिए (जहन्नम से आजादी का परवाना लेने के लिए बिन पानी मछली की तरह तड़पने के लिए)

याद रहे की एक अशरा 10 रोज़ों का होता है, ऐसे 3 अशरे 30 दिनों के होते हैं। इन दिनों में सभी मुसलमान पांचों वक्त की नमाज़ पाबंदी के साथ पढ़ते है, वहीं पूरे दिन का रोज़ा भी रखते है, रमजान महीने के आखरी अशरे में 5 रातें जागी जाति है जिनमे पूरी रात ईश्वर की इबादत व रियाज़त की जाती है। इस माह की यह मान्यता भी है की इसमें एक नेकी करने पर 70 नेकियों के बराबर सवाब (पुण्य) प्राप्त होता है।

75वीं बार रंगपंचमी पर निकली रंगों से सराबोर गैर, 6 लाख से ज्यादा लोग हुए शामिल, जानिए 75 साल का इतिहास

मप्र के इंदौर की गेर केवल प्रदेश और देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में भी प्रसिद्ध है। रंगपंचमी पर निकलने वाली गेर में लाखों लोग एक साथ होली मनाते हुए एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाते हुए नजर आए, फिर वह चाहे उनका परिचित हो या ना हो। इस बार गैर में 6 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। होलकर शासन काल से शुरू हुआ गेर का यह सिलसिला 75 वर्ष पूरा कर चुका है। इसको पारिवारिक स्वरूप स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ के द्वारा 26 साल पहले राधाकृष्ण फाग यात्रा निकाल कर दिया गया।

चाय पीते पीते बनी गेर निकालने की योजना

टोरी कार्नर गेर के संयोजक शेखर गिरि बताते हैं कि पहले यहाँ लोग चाय पीते हुए पूरे शहर की जानकारी साझा किया करते थे, आकाशवाणी केंद्र होने से लोग समाचार के लिए आते थे तब हम लोगो ने ने रंगों से भरा कढ़ाव लगाना शुरू किया, जिसमें लोगों को डुबोया जाने लगा। इसके बाद लोग रंगभरी बाल्टियां लेकर राजवाड़ा पर इकट्ठा होने लगे और इस तरह शहर की सबसे पुरानी गेर निकलना शुरू हुई।

हाथी-घोड़ों को साथ लेकर संगम कॉर्नर ने शुरू की नई प्रथा

संगम कॉर्नर ने गेर में 70 साल पहले हाथी-घोड़ो को शामिल कर एक नई प्रथा शुरू की। संगम कॉर्नर से जुड़े हेमन्त खंडेलवाल ने बताया कि इसकी शुरुआत नाथूराम खंडेलवाल जी ने बिना किसी बाहरी सहयोग के की थी पर समय के साथ राजनीतिकरण होने से हुड़दंग होने लगी थी।

परिवारिक स्वरूप देकर नया रूप दिया था

लक्ष्मण सिंह ने हुड़दंग होने के बाद स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ ने नृसिंह बाजार से 26 साल पहले राधाकृष्ण फाग यात्रा से शुरू की। इसमें यात्रा का धार्मिक और शालीन स्वरूप देकर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना शुरू की गई। संयोजक एकलव्य सिंह गौड़ बताया कि एक बार फिर रंगपंचमी पर यात्रा अपने स्वरूप में निकलेगी। इस बार फिर परिवार के साथ शामिल महिला के लिए विशेष सुरक्षा घेरा चलेगा। इसके साथ खास बात अयोध्या में बना राम मंदिर की प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र बनेगा

होली के दिन यातायात पुलिस ने भरे कई जिंदगियों में रंग

होली के दौरान यातायात पुलिस पूरे इंदौर में सक्रिय रूप से नजर आईं। होली पर सुगम यातायात के उद्देश्य से डीसीपी यातायात अरविंद तिवारी ने पुलिस बल की ड्यूटी तय कर दी थी। चौराहों, बाजारों, चेकिंग पाइंट आदि पर पुलिस ने हुड़दंगियों पर नजर रखने के साथ जरूरतमंदों की मदद भी की।

पुलिस हमेशा मदद को है तैनात

इस दौरान कई जगह हुए हादसों में घायलों को पुलिस ने एमवाय अस्पताल पहुंचाया। इसके अलावा कुछ लोगों की इमरजेंसी स्थिति में मदद भी की। सोमवार सुबह रेडिसन चौराहे पर बाइक पर सवार मां-बेटे को एक तेज रफ्तार लोडिंग वाहन ने टक्कर मार दी। यातायात प्रबंधन का कार्य देख रहे सूबेदार अमित यादव, प्रधान आरक्षक जितेंद्र यादव, भावना, निकिता ने तत्काल मां-बेटे को उठाया। बेटे जितेंद्र को सामान्य चोट थीं, वहीं मां सुशीला के बाएं पैर की हड्डी टूट गई थी। पुलिस बल ने तुरंत एक आटो में बैठाकर एमवाय अस्पताल भेजा। दोनों का इलाज शुरू करवाकर परिजनों को सूचित किया गया। आर्थिक तंगी के चलते पुलिस ने इलाज का खर्च भी उठाया।
दूसरी घटना में शाम को पलासिया चौराहे पर गीता भवन की ओर से आ रही एक कार के बोनट में से अचानक धुंआ निकलने लगा। ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक सीमा भण्डारी ने स्टाफ की मदद से तत्काल कार पर पानी डलवाकर उसमें बैठे बुजुर्ग पति-पत्नी को बाहर निकाला।

इंजीनियर ने प्रेम विवाह के सवा साल बाद पत्नी को मारपीट कर घर से निकाला, शादी के पहले दिखाए थे लुहावने सपने

इन्दौर में एक इंजीनियर पति ने पत्नी की पिटाई की और उसे घर से निकाल दिया। सवा साल पहले ही दोनों ने प्रेम विवाह किया था। शादी के सवा साल बाद उसने पत्नी से मारपीट शुरु कर दी और दहेज में लाखों की डिमांड करने लगा।राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है।

मायके से 10 लाख लेकर आना, तभी घर में जगह मिलेगी

पत्नी ने आरोप लगाया कि इंजीनियर ने प्रेम विवाह के सवा साल बाद 10 लाख रुपये मांगे। दहेज के लिए पत्नी को घर से तक निकाल दिया, उसके साथ मारपीट की। राजेंद्र नगर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस के अनुसार महू की रहनेवाली रोशनी की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया है। रोशनी ने आरोप लगाया कि पति और सास दहजे के लिए मारपीट करते हैं। वे 10 लाख रुपए मांग रहे हैं। एक दिन पति ने पिटाई कर उसे घर से ही निकाल दिया। इस मामले में पुलिस ने धन्वंतरि नगर निवासी इंजीनियर मयंक गंधे पर केस दर्ज कर लिया है।

शादी के पहले मयंक ने किए थे खूब लुभावने वादे

रोशनी का कहना है कि शादी के पहले मयंक ने उसे खूब लुभावने वादे किए लेकिन बाद मे अपनी औकात पर उतर आया। मयंक और उसकी मां मुझे दहेज के लिए परेशान करने लगे। मारपीट भी करने लगे। अब यह कहा है कि 10 लाख रुपये लेकर ही घर आ सकेगी। शादी के बाद रोशनी और मयंक राजेंद्र नगर स्थित शुभम रेसीडेंसी में रहने लगे थे।