Sat. Jun 15th, 2024

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने NEET परीक्षा की व्यापमं घोटाले से की तुलना, सरकार से पूछे तीखे सवाल

इन दिनों पूरे देश में NEET को विवाद बना हुआ है। पूरे देश में NEET में इस बार 67 टॉपर आने से हैरानी जता रहे है। इसको लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है। जहा इसको लेकर सुनवाई जारी है। इसी बीच एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने NEET को लेकर बयान दिया है। उनका कहना है कि NEETभी व्यापम घोटाले की तरह है। इसमें भी कई लोग मिले हुए है। जिसे सरकार बचाने की कोशिश कर रही है।

NEET से जुड़े सरकार से किए तीखे सवाल

पूर्व सीएम ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब 5 मई 2024 को NEET की परीक्षा का आयोजन हुआ तो 4 मई को ही पटना में इसका पेपर कैसे लीक हो गया? पटना में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी सरकार ने कोई कदम क्यों नहीं उठाया? क्या कारण था कि परीक्षा के रजिस्ट्रेशन के लिए तारीख बढ़ाने के बाद फिर 10 अप्रैल को एक दिन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के विंडो को खोला गया? उन्होंने यह भी पूछा कि जून 2024 को जब इस परीक्षा का रिजल्ट आता है तो 67 छात्रों को 720 में से 720 अंक कैसे मिल गए? जबकि 720 अंक पाने वाले छात्र 2020 में दो, 2021 में तीन, 2022 में कोई नहीं और 2023 में सिर्फ दो अभ्यर्थी थे। इस बार 67 छात्रों को पूरे नंबर के मिल गए। इनके किस फॉर्मूले के तहत अंक मिले?

एक ही केंद्र के 8 छात्रों ने 720 अंक हासिल किए

हरियाणा के झज्झर स्थित एक ही परीक्षा केंद्र के 8 छात्रों ने कैसे इस परीक्षा में 720 में से 720 अंक हासिल कर लिए? जबकि इनमें से एक छात्र तो 12वीं की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गया? इस केंद्र के इन सभी टॉपर्स के नाम में सरनेम क्यों नहीं है?

लोकसभा चुनाव के लिए इंदौर कलेक्टर का नवाचार, मतदान कर्मियों की ली exam

सरकारी कर्मचारियों की योग्यता परखने लिए ली परीक्षा, 1967 में से 18 हुए फेल, फिर से लेना होगा परीक्षण

लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) 2024 के लिए मतदान केंद्रों पर सरकारी कर्मचारियों की तैनाती के लिए उन्हें परीक्षण दिया जा रहा है। इंदौर कलेक्टर के प्रदेश में नवाचार के तहत सभी प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारियों की योग्यता जाँचने के लिए ऑनलाइन एग्जाम लि गई। पहले दिन हुई परीक्षा में 1967 कर्मचारियों ने भाग लिया लेकिन 18 यह परीक्षा पास नही कर पाए। अब इनको दूसरी बार प्रशिक्षण लेना होगा।

मतदान केंद्रों पर गलती ना हो इसीलिए ले रहे एग्जाम

प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं इंदौर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आर.पी. अहिरवार ने बताया कि प्रशिक्षण 15 अप्रेल से शुरू होकर 19 अप्रैल तक चलेगा और जो भी प्रशिक्षार्थी ऑनलाइन एग्जाम को पास नहीं कर पाए उन्हें दूसरे सत्र में फिर से प्रशिक्षण लेना होगा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन इस बात पर विशेष तौर से ध्यान दे रहा है कि मतदान केंद्रों पर कोई गलती ना हो इसीलिए कर्मचारियों की सजगता और योग्यता जाँचने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर के आदेश पर ऑनलाइन एग्जाम का प्रबंध किया गया है।

994 प्रशिक्षार्थी को मिले शत प्रतिशत अंक

पहले दिन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में 994 मतदानकर्मियों ने शत प्रतिशत अंक अर्जित किए। वहीं 405 मतदान कर्मियों को 90 प्रतिशत, 262 को 80 प्रतिशत, 150 को 70 प्रतिशत, 91 को 60 प्रतिशत तथा 47 को 50 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए। 50 प्रतिशत से नीचे अंक लाने वालों को फैल माना गया।