Sat. Apr 13th, 2024

चार माह से अतिथि शिक्षकों को नहीं मिल रही सैलरी, कर्ज लेकर घर चलाने को मजबूर

विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश के अतिथि शिक्षकों का मानदेय दोगुना करने की बात कही गई थी। लेकिन चुनाव के बाद मानदेय दोगुना मिलने की वजह पिछले 4 महीने से वर्तमान मानदेय भी नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण प्रदेश के शासकीय स्कूलों में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों की अर्थिक हालत बेहद खराब है। पिछले चार महीने से प्रदेश के अतिथि शिक्षकों की सैलरी नहीं आयी है। जिसके कारण कई अतिथि शिक्षक कर्ज और ब्याज से पैसे लेकर अपना गुजारा करने को मजबूर हैं। इसको लेकर शिक्षकों ने प्रशासन से शिकायत भी की भी लेकिन इसके बाबजूद शिक्षको कोई मदद नहीं मिली है।

कर्ज लेकर घर चलने को मजबूर

शहर के अतिथि शिक्षको की भी माली हालत काफी ख़राब है। वर्तमान में शहर में 786 कार्यरत है। शिक्षक शिशुपाल कलावत ने बताया, पिछले 4 महीने से वेतन न मिलने के कारण आर्थिक हालत काफी खराब है। जिसके कारण घर का खर्च चलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बलवान सिंह साहू ने बताया, हमें चुनाव के पहले वेतन दोगुना करने की बात कही गयी थी लेकिन हम दोगुना छोड़ो हमें हमरा पुराना वेतन ही नहीं मिल रहा है। जिसके कारण हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हमें हमारा खर्चा दूसरों से उधार लेकर चलाना पड़ रहा है।

गाडी से साइकिल पर आए

वही दीपक शर्मा ने बताया, सरकार हमसे बराबर काम ले रही है टाइम पर स्कूल बुला रही है। टाइम पर स्कूल में पढ़वा रही है, लेकिन वेतन नहीं दिया जा रहा। सरकार ने वादा किया था कि वेतन वृद्धि करेंगे, लेकिन वृद्धि तो ठीक है हमको पुराना वेतन ही नहीं मिल पा रहा। हम लोग बहुत आर्थिक परेशानी से गुजर रहे हैं। हम और हमारा परिवार बहुत परेशान है।

सोनू रघुवंशी ने बताया, तनख्वाह नहीं मिलने के कारण अर्थिक तंगी काफी खराब हो गई है। पहले गाड़ी से हम स्कूल जाते थे लेकिन अब पेट्रोल के पैसे न होने के कारण मुझे साइकिल से स्कूल जाना पड़ रहा है। इसके अलावा बच्चों की परीक्षा सिर पर है। लेकिन स्कूल की फीस भरनी है लेकिन समझ नहीं आ रहा है फीस कैसे भरे। वही शहर के शासकीय स्कूल में पढ़ा रहे शासकीय शिक्षक ने बताया, कि हमने सैलरी न मिलने की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से भी की और अन्य अधिकारियों से की। लेकिन इसके बाबजूद हमें किसी भी तरह की मदद नहीं मिल रही है।