Wed. Jul 17th, 2024

देवास पुलिस की बड़ी सफलता 32 लाख के गुम व चोरी हुए 160 phone जब्त कर, मालिकों को दिए

देवास पुलिस ने उम्मीद खो चुके लोगों को बड़ी खुश खबरी दी, सायबर सेल (Cyber cell) की मदद से लोकेशन ट्रेस कर 32 लाख कीमत के 160 फ़ोन (Phone) जब्त कर फ़ोन मालिकों के सुपुर्द किए गए।

देवास एसपी ने चलाया था विशेष अभियान

देवास एसपी उपाध्याय ने बताया कि लगातार मोबाइल फोन घुम होने की शिकायत मिल रही थी, इसीलिए साइबर सेल की मदद से विशेष अभियान चलाकर पहले भी 200 फोन जब्त किए गए थे और अभी 160 फ़ोन जिनकी किमत 32 लाख है। हमने कर्यालय बुलाकर फ़ोन मालिकों के फ़ोन उनके सुपुर्द कर दिए हैं।

गुम होने पर शिकायत जरूर लिखाए

मोबाइल फोन देने के दौरान एसपी उपाध्याय ने कहा कई बार मोबाइल चोरी होने या गुम होने पर लोग पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैं, उनको लगता है कि फोन तो वापस मिलेगा नहीं जबकि ऐसा नहीं है। एसपी ने कहा कि सभी ध्यान रखें अगर मोबाइल चोरी या गुम हो तो शिकायत जरूर लिखाए।

हिन्दुओं ने घर बेचने के पोस्टर के लगाए, प्रशासन और स्थानीय जानता आमने-सामने

स्टेशन रोड पर स्तिथ कब्रिस्तान को लेकर विवाद शुरू, हिंदुओं ने लगाए घर बेचने के पोस्टर

Dewas: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के देवास (Dewas) में गजरा गियर चौराहे से कब्रिस्तान (Graveyard) के रास्ते को लेकर वहां के लोग और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। लोगों ने अपने घरो के बहार प्रशासन का विरोध करते हुए पोस्टर (posters) लगाए हैं। पोस्टर में लिखा है कि ‘प्रशासन की दादागिरी की वजह से हिन्दू अपने मकानों को बेचने के लिए बाध्य है’।
जनकारी के अनुसार विवादित जमीन पर कुछ दिन पहले भी जनाजा लाया गया था जिसे दफनाने से रोक दिया गया था। जिसके बाद प्रशासन ने जमीन के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया था। मामला शांत हुआ भी नहीं था और शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में मेजर रोड से नया रास्ता निकालने की बात सामने आ गई। उसी समय स्थानीय पार्षद शीतल गेहलोत सहित आसपास के लोगों ने कार्रवाई का जमकर विरोध किया, जिसके बाद कार्रवाई रोक दी गई।

धारा 144 लागू की कॉलेक्टर ने

शुक्रवार की घटना के बाद शनिवार सुबह संबंधित क्षेत्र में धारा 144 लगाने संबंधी आदेश सामने आ गया, लेकिन आदेश एक दिन बाद सामने आया है। जिससे रहवासियों ने विरोध करना शुरू कर दिया।

गरीब हिंदुओं को हटाकर कब्रिस्तान के लिए जगह देना गलत

क्षेत्रीय पार्षद का शीतल गेहलोत का कहना है कि इस जगह पर से कोई रास्ता नहीं है। कब्रिस्तान के विवाद पर लीपापोती करने के लिए प्रशासन द्वारा हिन्दू बहुल क्षेत्र से गरीब लोगों को हटाकर यहां से कब्रिस्तान के लिए रास्ता दिया जा रहा है। जिस जमीन से रास्ता बताया जा रहा है वह सिख समाज के लोगों की जमीन है। माता की टेकरी से आने वाले श्रद्धालु यहां से निकलते हैं।
मामले को लेकर कलेक्टर और जिला दंडाधिकारी ऋषभ गुप्ता ने आमजन की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।