Tue. Apr 23rd, 2024

गुंडे को थाने लाते ही आए कई बड़े नेताओं के फ़ोन, बाद में पुलिस ने जुलूस निकाला

इंदौर में खजराना चौराहे पर पुलिस कर्मी से झूमाझटकी करने वाला गुंडा करण सिंह मंत्री सिलावट की धौंस दिखाकर थाने से भाग गया, जिसके बाद डीसीपी की तत्परता के चलते गुंडे को फिर गिरफ्तार कर उसका जुलूस निकाला गया

मध्यप्रदेश में इस तरह गुंडों ने आंतक मचा रखा है कि गिरफ्तार होने के बाद पुलिस की गिरफ्त से भाग जाते हैं और पुलिस मुखदर्शक बनी देखती रहती है। दरअसल बात इंदौर के खजराना चौराहे की है, रविवार दिनांक 14 अप्रैल को रात 8:00 बजे ट्रैफिक पुलिस आरक्षण विकास शर्मा अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। सिग्नल पर खड़ी हुई एक CAR का हूटर बज रहा था। CAR के शीशे पर ब्लैक फिल्म चढ़ी हुई थी, और नंबर प्लेट पर नंबर नहीं लिखा हुआ था। सूबेदार श्री बृजराज सिंह अजनार ने आरक्षक विकास शर्मा को भेजा। विकास ने जैसे ही गाड़ी साइड में लगाने के लिए कहा तो CAR में सवार युवक ने अभद्रता शुरू कर दी। फिर आरक्षक विकास को धक्का दिया जिससे वह जमीन पर गिर गया। फिर उसके पेट पर बैठकर उसे पीटा। इस दौरान उसकी वर्दी भी फाड़ दी।

थाने से भगा गुंडा, डीसीपी ने फिर पकड़ा

इतना ही नहीं यह आरोपी पुलिसवालों द्वारा थाने लाए जाने के बाद भी दादागिरी करते हुए थाने से भाग निकला। पुलिसकर्मी विकास शर्मा ने इसकी शिकायत की जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ सरकारी काम में बाधा सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। रविवार की रात करणदीप गुंडई करते हुए थाने के अंदर से गाड़ी में चाबी लगाकर भाग निकला था। जैसे ही इसकी जानकारी आला अफसरों तक पहुँची तो डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा ने टीआई को फटकार लगाई। उन्होंने धरपकड़ में पूरे स्टाफ को लगा दिया। बाद में आरोपी को द्वारकापुरी से गिरफ्तार करवाया।

पिता लिस्टेड गुंडे और बेटे करन को बचाने कई नेताओं के आए थे कॉल

बता दें कि गुंडे करण सिंह धालीवाल पर पहले से 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं, करन के पिता सोंटा सरदार भी इंदौर पुलिस के निगरानीशुदा बदमाश थे। सूत्रों की माने तो करन सिंह का रौब इतना है कि उसके गिरफ्तार होते ही खजराना थाने में कई बड़े बड़े नेताओं के फ़ोन आने लगे थे।

बाद में गिरफ्तार कर चोराहे पर निकाला जुलूस

करन को फिर गिरफ्तार कर उसे उसी जगह लाया गया जहाँ उसने पुलिसकर्मियों से झूमाझटकी की थी, उससे कान पकड़कर माफी मांगी और उस दौरान वो बोलता रहा कि मैं गुंडा नहीं हूँ।

Digital Arrest कर इंदौर के डॉक्टर दम्पत्ति से ठगे 8 लाख, जानिए क्या है Digital Arrest, कैसे करते हैं इस तरह का फ्रॉड

मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) नई और बेहद हाईटेक ऑनलाइन ठगी का मामला इंदौर क्राइम ब्रांच (Crime Branch) में दर्ज हुआ है। इंदौर के राजेन्द्र नगर निवासी डॉक्टर दम्पति को ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए 53 घंटे डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) कर के रखा और बाद 8 लाख 36 हज़ार अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए।

मुंबई CBI की स्काइप आईडी से आया था कॉल

डॉक्टर दम्पति ने बताया कि उन्हें मुम्बई सीबीआई स्काईप आईडी से वीडियो कॉल आई थी। कॉल पर ठगों ने कस्टम अधिकारी बताया और कहा कि इंटरनेशनल कुरियर कम्पनी के लिए पार्सल डिलीवर हुआ है। जिसमे एक लेपटॉप, 40 किलो कपड़े और एमडी एमए ड्रग जब्त हुई। फेक अधिकारी ने कहा कि इस डिलीवरी और कंपनी के जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं उसमें आपके आधारकार्ड और अन्य आईडी का प्रयोग हुआ है।

53 घंटे तक Digital Arrest रखा

ठगों ने कहा कि अभी आपके बयान लिए जाएंगे तो हमारे अधिकारी आपको एक वीडियो कॉल करेंगे जहाँ आपको अपने बयान दर्ज कराने होंगे। वीडियो कॉल वर्दी में ल सीबीआई अधिकारी और अन्य ऑफिसर दिखे जहाँ उन्होंने अलग अलग धाराओं में फ़साने को लेकर डराया। इसके बाद आरबीआई से एक कॉल आया तो डॉक्टर दम्पत्ति ने ठगों के एकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर दिए।

क्या होता है Digital Arrest?

कानूनी तौर पर Digital Arrest नाम का कोई शब्द नहीं है। यह एक फ्रॉड करने का तरीका है,जो साइबर ठग अपनाते हैं। इसका सीधा मतलब होता है ब्लैकमेलिंग, जिसके जरिए ठग अपने टारगेट को ब्लैकमेल करता है। डिजिटल अरेस्ट में कोई आपको वीडियो कॉलिंग के जरिए घर में बंधक बना लेता है। वह आप पर हर वक्त नजर रख रहा होता है। डिजिटल अरेस्ट के मामलों में ठग कोई सरकारी एजेंसी के अफसर या पुलिस अफसर बनकर आपको वीडियो कॉल करते हैं। इसके बाद ठग आपको कहते हैं कि आपका आधार कार्ड सिम कार्ड या बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि के लिए हुआ। वह आपको फर्जी गिरफ्तारी का डर दिखाकर घर में ही कैद कर देते हैं। इसके बाद वह झूठे आरोप लगाते हैं और जमानत की बातें कह कर पैसे ऐंठ लेते हैं। अपराधी इस दौरान आपको वीडियो कॉल से हटने भी नहीं देते हैं और ना ही किसी को कॉल करने देते हैं। डिजिटल अरेस्ट के इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।

साइबर ठगों को ट्रेस करना बहुत कठिन

हजारों किलोमीटर दूर बैठकर साइबर ठग आपको अपना शिकार बना लेते हैं। स्काइप आईडी, वीचैट और उन वीडियो कॉलिंग से आपसे संपर्क करते हैं ऐसे में पुलिस को 3 से 6 महीने तो आरोपियों का डाटा, यूआरएल जानकारी लेने के लिए समय लग जाता है। अधिकतर एप्लीकेशन्स के सर्वर विदेश में हैं, जहां से जानकारी जुटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करना पड़ती है और कई महीनों तक जानकारी नहीं मिल पाती।

फर्जी CBI अफसर बन दिया ज्वाइन लेटर, अक्षय कुमार की फिल्म ‘Special 26’ की तर्ज पर की धोखाधड़ी

रियल लाइफ स्पेशल 26

अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म ‘स्पेशल 26’ की तरह आरोपि ने पीड़त से सीबीआई में सरकारी नौकरी लगवाने का कहकर फर्जी आईडी कार्ड एंव सीबीआई का नियुक्ति पत्र बनाकर करीब डेढ़ लाख रुपए की धोखाधड़ी की।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार डोगरिया निवासी जागेन्द्र सैय्याम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत में पीड़ित ने बताया कि बम्हनी निवासी वीरेन्द्र कुशराम अपने आप को सीबीआई अधिकारी बताकर मुझे व पत्नी को सीबीआई में सरकारी नौकरी लगवाने का कहकर फर्जी आईडी कार्ड एंव नियुक्ति पत्र सीबीआई के नाम का बनाकर अगले दिन नकद एंव आनलाईन के माध्यम से कुल 1,68,000 रूपये लेकर धोखाधड़ी की है। बम्हनी पुलिस टीम द्वारा आरोपित की तलास उसके निवास स्थान पर की गई। आरोपी अपने निवास से फरार हो गया था। बम्हनी बंजर पुलिस टीम के द्वारा कर आरोपित विरेन्द्र पिता कोहलू सिंह कुशराम उम्र 35 साल बम्हनी बंजर को ग्राम चमरवाही से गिरफ्तार किया है।

कई फर्जी दस्तावेज हुए बरामद

फर्जी अधिकारी के पास से शपथ पत्र, आरोपित का नियुक्ति पत्र, क्राईम कंट्रोल, भारतीय प्रशासनिक सुधार एंव जन शिकायत परिसर का आई कार्ड, नेशनल क्राइम ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन कार्ड, आरोपित का राष्ट्रीय अपराध अनुसंधान खुफिया ब्यूरो कार्ड, एक सील जिसमें सुरक्षा इंवेस्टिगेशन , आरोपी की फोटो पासपोर्ट जिसमें आर्मी की वर्दी पहने हुए, नगदी 25,000/- रूपये, एक मोबाइल आरोपित के पास से बरामद किया गया है।

इंजीनियर ने प्रेम विवाह के सवा साल बाद पत्नी को मारपीट कर घर से निकाला, शादी के पहले दिखाए थे लुहावने सपने

इन्दौर में एक इंजीनियर पति ने पत्नी की पिटाई की और उसे घर से निकाल दिया। सवा साल पहले ही दोनों ने प्रेम विवाह किया था। शादी के सवा साल बाद उसने पत्नी से मारपीट शुरु कर दी और दहेज में लाखों की डिमांड करने लगा।राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है।

मायके से 10 लाख लेकर आना, तभी घर में जगह मिलेगी

पत्नी ने आरोप लगाया कि इंजीनियर ने प्रेम विवाह के सवा साल बाद 10 लाख रुपये मांगे। दहेज के लिए पत्नी को घर से तक निकाल दिया, उसके साथ मारपीट की। राजेंद्र नगर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस के अनुसार महू की रहनेवाली रोशनी की शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया है। रोशनी ने आरोप लगाया कि पति और सास दहजे के लिए मारपीट करते हैं। वे 10 लाख रुपए मांग रहे हैं। एक दिन पति ने पिटाई कर उसे घर से ही निकाल दिया। इस मामले में पुलिस ने धन्वंतरि नगर निवासी इंजीनियर मयंक गंधे पर केस दर्ज कर लिया है।

शादी के पहले मयंक ने किए थे खूब लुभावने वादे

रोशनी का कहना है कि शादी के पहले मयंक ने उसे खूब लुभावने वादे किए लेकिन बाद मे अपनी औकात पर उतर आया। मयंक और उसकी मां मुझे दहेज के लिए परेशान करने लगे। मारपीट भी करने लगे। अब यह कहा है कि 10 लाख रुपये लेकर ही घर आ सकेगी। शादी के बाद रोशनी और मयंक राजेंद्र नगर स्थित शुभम रेसीडेंसी में रहने लगे थे।

दमोह में कांग्रेस नेता के भई पर हमला,पीड़ित का अस्तपाल में चल इलाज

सरकारें आएंगी जाएंगी लेकिन प्रदेश की कानून व्यवस्था वैसी ही रहेगी गुडों माफियाओं के हौसले बुलन्द रहेंगे और आम आदमी प्रताड़ित हो रहा है। कई दावे करने वाली मोहन सरकार भी गुंडों, माफियों का ज़्यादा कुछ बिगड़ ना सकी

खेत से घर लौटते वक्त हुआ हमला

देहात थाना क्षेत्र की सुरेखा कॉलोनी निवासी राजेंद्र पटेल अपने हिन्नई उमरी गांव में स्थित फार्म हाउस से लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ ही दूरी पर पहुंचने पर पुराने विवाद पर मुन्ना उर्फ हर प्रसाद उसके बेटे जय और एक अन्य व्यक्ति ने लाठी, डंडों से उनके ऊपर हमला कर दिया। उन्होंने बचाव करने का काफी प्रयास किया, लेकिन तीन आरोपी थे, जो लगातार डंडे बरसा रहे थे। जब वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े तो आरोपी वहां से भाग निकले।

आरोपी पहले भी कर चुका है हमला

पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि मुन्ना लागातार दबाव बना रहा था राजीनामा करने लिए, पर मेरे मना करने के कारण उसने पहले भी हमला किया था पर सफल नहीं हो पाया।

न्यायालय में 2 मामले लम्बित है

राजेंद्र ने बताया कि मुन्ना के ऊपर न्यायालय में दो मामले चल रहे हैं। जिसमें एक चेक बाउंस का मामला है और एक जमीन हड़पने का मामला है। घायल का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है वहीं पुलिस ने आरोपियों पर मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

भिंड में होटल संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई, पुलिस जाँच में जुटी

भिंड में होटल के संचालक को सोते समय कुछ गुंडों ने मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी। गोली मारने के बाद आरोपी फरार हो गए।

शुक्रवार को भिंड में पन्ना होटल के संचालक को सोते समय कुछ गुंडों ने गोली मारकर हत्या कर दी। गोली मारने के बाद आरोपी फरार हो गए। मौके पर पुलिस ने पहुंच कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक इस बात का पता नहीं चला है की गोली किसने और क्यों मारी है।

भिंड में स्थित पन्ना होटल के संचालक और भाजपा नेता प्रणाम जैन अपने होटल में आराम कर रहे थे। शुक्रवार को एक अज्ञात हमलावर होटल में पहुंचा और जैन कमरे में घुसकर गोली चला दी। गोली भाजपा नेता के पेट में लगी। होटल के कर्मचारी फायरिंग की आवाज सुनकर जैन के कमरे में पहुंचे और उन्हें लहूलुहान पाया। लेकिन जब तक वहाँ कोई पहुंचता हमलावर हमला कर के फरार हो चुका था। होटल संचालक ने पुलिस को मामले के बारे में सूचना दी और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कार्यवाही शुरू कर दी है लेकिन अभी तक आरोपियों का पता नही चल पाया है न ही इस बात का पता चल पाया की गोली क्यों और किसने चलाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया।

खुद को मुख्यमंत्री का OSD बताकर सरकारी कर्मचारियों को ठगते थे, 20 लाख से ज्यादा का लगा चुके थे चूना

मध्य प्रदेश की साइबर क्राइम पुलिस ने दो शातिर ठगों को पकड़ा है। यह ठग खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताकर सरकारी कर्मचारियों को ब्लैकमेल करते थे। दोनों आरोपी ट्रांसफर रुकवाने के नाम पर पैसे लिया करते थे। दोनों आरोपी सरकारी कर्मचारियों को एमपी सरकार के लोगो वाले फर्जी ट्रांसफर आर्डर भेजते थे, और बाद में ऑर्डर रद्द करने की पेशकश करते थे। यह आरोपी सरकारी कर्मचारियों के मोबाइल नंबर गूगल से निकालकर खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताकर उनसे बात करते थे।

दो लोग मिलकर ठगते थे

यह आरोपी इतने ज्यादा बदमाश थे कि वह फोन लगाकर ट्रांसफर की बात तो करते ही थे बल्कि जो सरकार के द्वारा लिस्ट निकाली जाती थी वह भी भेज देते थे। भोपाल की टीम इस पर कार्यवाही कर मैदानी स्तर पर जुट गई और दो आरोपियों को निवाड़ी जिले से सौरभ और हरबल को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के पास से मोबाइल और दो सिम कार्ड भी मिले जिस से वह आरोपी लोगो को ठगते थे।

20 लाख की रुपये की कर चुके थे ठगी

आरोपियों ने पूछताछ के दौरान बताया है कि वह 6 सरकारी कर्मचारियों को ठग चुके हैं और 20 लाख रुपए की अभी तक ठगी कर चुके हैं। सरकारी कर्मचारियों को आरोपियों पर शक ना हो इसलिए वह हमेशा व्हाट्सएप पर मध्य प्रदेश शासन के लोगो की डीपी लगाया करते थे और व्हाट्सएप पर एक फर्जी लिस्ट अधिकारियों को भेजते थे। ठग कर पैसा लेने के लिए आरोपी गांव के आसपास मनी ट्रांसफर वालों के खाते में राशि डलवाते थे।

इंसानियत की हुई हदें पार, मरने तक पीटा और मरने के बाद शव में पेट्रोल डालकर जला दिया

चोरी के शक में चार आरोपियों ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। उनकी ज़बरदस्ती और निर्दयता का स्तर इतना उच्च था कि उन्होंने पेट्रोल डालकर शव को जला दिया, और फिर सात दिनों तक उसे घर में रखा रखा, बदबू आने पर उसे कंबल में लपेटकर खेत में फेंक दिया। यह एक बेहद दुखद और घोर घटना है। इस तरह की अत्याचारी हरकतें समाज में निंदनीय हैं और सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

कपड़ और कंबल में लपेटकर पीटा

अपराधियों की चालाकी कितनी भी तेज़ हो, कानून के लंबे हाथ उन्हें जरूर पकड़ते हैं। रीवा पुलिस ने भी 21 दिनों बाद इसी तरह के चालाक हत्यारों को गिरफ्तार किया। इन हत्यारों ने एक युवक को पहले पीटा, फिर हत्या की, और फिर पेट्रोल डालकर जला दिया। हत्यारे पुलिस से बचने के लिए सात दिनों तक अपने घर में लाश छिपाए रहे, पर बदबू की वजह से पकड़े गए। उन्होंने शव को कंबल और साड़ी में लपेटकर झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

रीवा पुलिस ने भी 21 दिनों बाद इसी तरह के चालाक हत्यारों को गिरफ्तार किया। इन हत्यारों ने संतोष नामक युवक को पीटा, फिर हत्या की, और फिर पेट्रोल डालकर जला दिया। हत्यारे पुलिस से बचने के लिए सात दिनों तक अपने घर में लाश छिपाए रहे, पर बदबू की वजह से पकड़े गए। उन्होंने शव को कंबल और साड़ी में लपेटकर झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपियों के घर से मिला मृतक का सामान

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान आरोपियों के घर की तलाशी ली गई तो मृतक की टॉर्च और शव के खून के छींटे मिले। जिसके बाद मोहित साकेत उर्फ मुन्नू साकेत, मुकेश साकेत, धर्मेन्द्र साकेत और रंजीत साकेत समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी आरोपी ब्रम्हागढ थाना शाहपुर जिला मऊगंज के रहने वाले हैं।