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पहली बार एक साल में तीन की वजह पांच हस्तियों को मिला भारत रत्न, जानिए कौन है भारत रत्न पाने वाली तीन नई हस्तियां

शुक्रवार को भारत सरकार ने भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से तीन हस्तियों को सम्मानित करने की घोषणा की। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री पी नरसिम्हा राव, पूर्व चरण सिंह चौधरी और वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन शामिल हैं। यह पहला मौका जब भारत सरकार ने एक साल में तीन नहीं बल्कि पांच लोगों को ‘भारत रत्न’ देने की घोषणा की है। इस बीच लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि जब एक साल में तीन हस्तियों को सम्मान देने का प्रावधान है तो इस साल पांच लोगों को कैसे दे दिया। तो इसका जबाव साल 2020-22 और 2023 में भारत रत्न किसी को भी नहीं दिया गया। यही कारण है कि इस साल तीन की जगह पांच हस्तियों को यह सम्मान दिया जा रहा है।

आईये जानते है इन तीन हस्तियों के बारे में, जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।

1.एमएस स्वामीनाथन (कृषि क्रांति के जनक)

बतौर वैज्ञानिक उनकी बेमिसाल उपलब्धियां रही हैं। इसके अलावा उनकी शख्सियत दक्षिण भारत के प्रतिभावान लोगों का भी प्रतिनिधित्व करती रही है। स्वामीनाथन को मरणोपरांत भारत रत्न देने से दक्षिण को साधने की मोदी सरकार की रणनीति को और मजबूती मिल सकती है। स्वामीनाथन कृषि क्रांति के जनक थे। उन्हें भारत रत्न देने से दक्षिण के साथ ही भाजपा की किसानों को साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

2. पीवी नरसिम्हा राव (पूर्व प्रधानमंत्री)

विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा कि प्रधानमंत्री मोदी प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की हमेशा आलोचना करते हैं और कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों के प्रति उनका रवैया आलोचनात्मक है। एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह की प्रशंसा की थी और कहा था कि वे व्हीलचेयर पर भी सदन में आते रहे और लोकतंत्र को ताकत देते रहे। अगले ही दिन नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने का एलान हो गया।

नरसिम्हा राव को मरणोपरांत भारत रत्न देने का एलान विपक्ष को करारा जवाब इसलिए भी है, क्योंकि भाजपा लगातार यह आरोप लगाती रही है कि कांग्रेस ने बतौर प्रधानमंत्री राव के योगदान को हमेशा नजरअंदाज किया। यहां तक कि मोदी के कट्टर आलोचक मणिशंकर अय्यर ने तो एक बार राव को भाजपा का पहला प्रधानमंत्री तक करार दे दिया था।

3.चौधरी चरण सिंह  (पूर्व प्रधानमंत्री)

चौधरी चरण सिंह की किसानों के मसीहा के रूप में पहचान रही है। अगले लोकसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के जाट बहुल सीटों पर चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने का असर पड़ सकता है। इन इलाकों की करीब 40 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां जाट मतदाताओं का असर माना जाता है।

चौधरी चरण सिंह के पोते और राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया जयंत चौधरी की भाजपा के साथ जाने की अटकलें पिछले कई दिनों से लग रही हैं। चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने के बाद जयंत ने ट्वीट किया, ‘दिल जीत लिया।’ जयंत चौधरी अगर भाजपा के साथ जाते हैं तो पश्चिम उत्तर प्रदेश में भाजपा को काफी फायदा हो सकता है।