Thu. Apr 18th, 2024

साड़ी वॉकथॉन कुछ महिलाओं के लिए बनी जिंदगी का सबसे बुरी वॉकथॉन, कोई माँ अपने बच्चे से बिछड़ी तो कोई अपने दूधमुंही बच्चे को लेकर परेशान होती रही

इंदौर में गुरुवार को शहर की महिलाएं बड़े जोश और उत्साह के साथ साड़ी वॉकथॉन में शामिल होने के लिए पहुंची थी। वें इस वॉकथॉन में अपनी जिंदगी की सबसे अच्छी यादें बनाने गई थी लेकिन प्रशासन और निगम अधिकारियों के कारण महिलाएँ वहां से अपने जीवन की सबसे बुरी यादें लेकर आयी है। जहां कोई महिला अपने बच्चे से बिछड़ गई तो कोई महिला अपने दूधमुंही बच्चे को साथ लेकर घंटो परेशान होती रही। लेकिन इन सबके बावजूद घंटों गेट नहीं खोला गया। आईये जानते है ऐसा क्या हुआ उनके साथ वॉकथॉन में।

महिलाओं को रोकने के लिए स्टेडियम के दरवाज़े किए बंद

दरअसल नेहरू स्टेडियम में साड़ी वॉकथॉन के लिए 25 हजार महिलाओं को एकत्रित करने का दावा किया गया था। लेकिन 25 हजार तो नहीं 5 हजार महिलाएं जरूर वॉकथॉन में शामिल होने के लिए पंहुच गई।इस वॉकथॉन की शुरुआत शाम 4:30 बजे से होनी थी लेकिन उत्साहीत महिलाएं दोपहर 2 बजे से ही नेहरू स्टेडियम पहुंच गई थी। इन महिलाओं ने बड़े उत्साह के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। महिलाओं को उम्मीद थी कि वें 6-6:30 बजे तक फ्री होकर घर रवाना हो जाएंगी। लेकिन हुआ बिल्कुल इसके विपरीत।
कायर्क्रम 6-6:30 बजे तक चलता ही रहा और सीएम के आने का आश्वासन दिया गया। लेकिन सीएम नहीं पहुंचे जिसके कारण महिलाओं का सब्र टूटता गया और वें कार्यक्रम से रवाना होना शुरू हो गई। देखते-देखते पूरा स्टेडियम खाली हो गया। इसी को रोकने के लिए प्रशासन और निगम अधिकारियों ने गेट के दरवाजे लगा दिए। जिसके कारण कई महिलाएं गेट के अंदर और कुछ महिलाएँ गेट के बाहर चली गई।

महिला अपने दूधमूही बच्चे के साथ गेट के अंदर फंस गई

इस दौरान सुष्मिता बाई अपने 5 साल के बच्चे से बिछड़ गई। जिसके कारण महिला की हालत काफी खराब हो गई, तो वहीं एक महिला अपने दूधमूही बच्चे के साथ गेट के अंदर फंस गई। जिसके कारण महिला का बच्चा काफी देर तक रोता रहा। इस दौरान कई महिलाओं ने नारेबाजी भी की और ताला तोडन की कोशिश भी की।
इस दौरान महिलाओं ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि व्यवस्था नहीं है तो बुलाया क्यों और 4 घंटे लेट कार्यक्रम कौन शुरू करता है। यदि सीएम लेट आएंगे और हम यहां रूक जाएंगे तो हमारे घर पर खाना कौन बनाएगा। वही सावित्री बाई नाम की महिला ने बताया कि हम हमारे बच्चों को छोड़कर यहां आएहै, अब हम क्या करें यहां।

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