जानिए कैसे आप बन सकते हैं कलेक्टर

जहां एक ओर इंटर्नेट और सोशल मीडिया के आने के बाद लोगों का रुझान सोशल मीडिया की ओर बढ़ता जा रहा लेकिन आज के दौर में भी पेशे के तौर पर और नौकरी के तौर कलेक्टर पद की मांग जा रही है। कलेक्टर अपने जिले का बाॅस होता है। वह अपने जिले से जुड़े हर निर्णय को वह लेता है। साथ ही एक कलेक्टर के सारी ताकतें भी होती है, जिनका इस्तेमाल वह जरूरत करने पर कभी भी कर सकता है। यही कारण है कि सरकारी नौकरियों में आज भी कलेक्टर की नौकरी की सबसे ज्यादा मांग है। आज हम आपको इस लेख में यहीं बताने वाले हैं कि आप किस तरह से कलेक्टर बन सकते हैं।

योग्यता

कलेक्टर बनने के लिए सबसे पहले आपको उसके योग्य बनना होगा। कलेक्टर में बनने के लिए आपको भारत का देश का निवासी होना जरूरी है। इसके अलावा आपके पास किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए, स्नातक आप किसी भी विषय से कर सकते हैं।

 आयु

कलेक्टर बनने के लिए किसी भी व्यक्ति की उम्र कम से कम 21 वर्ष का होना चाहिए। इसके अलावा यदि प्रतिभागी सामान्य श्रेणी का है तो उसकी उम्र 21 – 32 वर्ष के बीच होना चाहिए। वहीं यदि प्रतिभागी पिछड़े वर्ग का हो तो उसकी उम्र 21 – 35 तक होना चाहिए जबकि यदि प्रतिभागी 21 – 37 तक होना चाहिए।

परीक्षा

योग्यता के बाद कलेक्टर बनना का सबसे महत्वपूर्ण चरण होता है परीक्षा। यदि कोई व्यक्ति कलेक्टर बनना चाहता है तो सबसे पहले उसे यूपीएससी की बेबसाइट पर परीक्षा के लिए आवेदन देना होता है। जिसके बाद प्रतिभागी को दो परीक्षा देनी होती है। जिनमें पहली परीक्षा में सभी लोगों को मौके दिए जाते हैं जबकि दूसरी परीक्षा में केवल उन्हीं लोगों को मौके दिए जाते हैं जो पहली परीक्षा में पास हो पाते हैं। इन परीक्षाओं में सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी का ज्ञान, रीजनिंग जैसे कई विषयों से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति दोनों परीक्षा पास कर लेता है तो उसे साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। जहां उसके शरीरिक व मानसिक दोनों की परीक्षा ली जाती है।

ट्रेनिंग

यदि कोई प्रतिभागी परीक्षा और साक्षात्कार पास कर लेता है तो उसे उसे फिर कुछ समय की ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है। यह ट्रेनिंग 3 महीने से लेकर 2 साल तक की होती है। यदि वह प्रतिभागी सब पूरा कर लेता है तो वह एक आईएएस अधिकारी बन जाता है। जिसके बाद उसे सबसे पहले किसी जिले का मानव विकास अधिकारी बनाया जाता है। जिसके बाद धीरे-धीरे उसका प्रमोशन किया जाता है और कुछ समय के बाद वह कलेक्टर बन जाता है।

वेतन

कलेक्टर की सैलरी पूरे भारत में किसी भी अधिकारी से सबसे ज्यादा होती है। किसी भी जिले के कलेक्टर की सैलरी 60 हजार से लेकर 2 लाख 50 तक होती है। इसके अलावा हर कलेक्टर को रहने के लिए घर और कहीं भी आने जाने के लिए ड्राइवर के साथ कार प्रदान की जाती है।

यही कारण है कि आज के दौर में भी कलेक्टर की नौकरी मांग जारी है।

 

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